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इस गाँव का नाम सुनते ही 108 वालो ने किया जाने से मना, आफत में आ गई थी पीड़ित महिला की जान.

पिथौरा ब्लाक के इस गांव का नाम सुनते ही 108 के ड्रायवर ने कहा कि वाहन गांव तक नही पहुँच सकता, मरीज को नेशनल हाईवे तक ले आइये एम्बुलेन्स आपके गांव के रास्ते में जायेगा तो कीचड़ में फंस जाएगा.

इस सड़क की दास्तां को बयां कर रहा है पिथौरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरको जहाँ विगत 4-5 वर्षों से सड़क की दर्दशा ऐसी हो गई है कि अब आपातकालीन सुविधा भी गाँव के मोड़ पर मरीज से करीब 4 किलोमीटर की दुरी पर आकर रुक गई.  

कल शाम करीब 7 बजे गाँव के रविशंकर की पत्नी की तबियत ख़राब हो गई जिसके कारण वह बेहोश हो गई. महिला की हालत देखकर उसके पड़ोसी टेकराम ने 108 संपर्क किया और इस बताया कि एक महिला बेहोश है उसे जल्द ही चिकित्सा की जरुरत है.

लेकिन गाँव का नाम सुनते ही 108 वालो ने कहा कि कुछ दिन पहले मैं वहां दिन में गया था रोड बहोत ही ख़राब है और अभी तो रात हो गया है गाड़ी वहां तक नहीं जा सकता. उसने टेकराम से कहा कि अपना की कोई साधन करके मरीज को नेशनल हाइवे तक लाना पड़ेगा इस पर टेकराम राम ने कहा कि अपने वाहन से अगर नेशनल हाईवे तक ले जा पाते तो फिर अस्पताल तक भी ले जाते. फिर किसी तरह एक निजी वाहन को जोगाड़ कर महिला को स्वास्थ केंद्र पहुचाया गया.

गौरतलब है कि सिरको गांव जाने के लिए बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है मार्ग पूरी तरह दलदल बन चुका है बड़े गाड़ियों के हमेशा इस मार्ग में फसने डर बना रहता है, हालांकि इस मार्ग को लेकर गाँव वालों केवल भरोशा ही दिया जा रहा है लेकिन समस्या का समाधान नहीं मिल रहा है.