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हवन पूजन के साथ जगह-जगह हुआ भण्डारा का आयोजन, हजारों ने किया प्रसाद ग्रहण

सरायपाली. नवरात्रि के अंतिम दिन दुर्गा पण्डालों एवं देवी मंदिरों में माता दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त गण पहुंचे. शहर के कई जगहों पर कल महाअष्टमी के दिन हवन पूजन हुआ तो कई स्थानों में आज नवमी को भी हवन पूजन एवं भण्डारा का भी आयोजन किया गया. आरती के समय भी भक्तों का तांता लगा रहा.

अष्टमी के दिन दोपहर से ही बारिश शुरू हो जाने के कारण माता के दर्शन हेतु कम लोग ही पहुँच पाये. इसके बावजूद भी कई भक्त देवी प्रतिमाओं में नारियल, सोलह श्रृंगार आदि चढ़ाकर मन्नत मांगते रहे. शहर के सभी मंदिरों दुर्गा पंडालों के अलावा सिंघोड़ा रूदे्रश्वरी मंदिर तथा गढ़फुलझर रामचंडी मंदिर में दर्शन क रने के लिए भी अंचल से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे थे.

अष्टमी में हवन पूजन के समय मंत्रोच्चार से वातावरण गुंजायमान होता रहा. सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति टैक्सी स्टैण्ड, फौव्वारा चैक, बाजार पारा, ओड़ियापारा,राज राजेश्वरी, टावर पारा के दुर्गा पंडालों में आकर्षक साज सज्जा के साथ माता की प्रतिमा स्थापित की गयी थी. स्थानीय दुर्गा मंदिर में माता दर्शन के अलावा परिसर में बने अन्य देवों के दर्शन लोग करते रहे.

घंटेश्वरी मंदिर में शाम के वक्त महिलाऐं पैदल चलते हुए प्रतिदिन माता दर्शन के लिए पहुंचे. इसके अलावा यहाँ से 20 किमी दूर सिंघोड़ा मंदिर में भी माता के दर्शन के लिए प्रतिदिन यहां से सैकड़ों भक्त पैदल चलते हुए पहुँच रहे थे. विशेष कर पंचमी एवं अष्टमी के दिन राष्ट्रीय राजमार्ग में पैदल चल रहे महिला श्रद्धालुओं की काफी संख्या देखी गयी.

नवमीं के लिए शहर के घंटेश्वरी मंदिर, सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति टैक्सी स्टैण्ड ,मां शारदा सेवा समिति टावर पारा, रूद्रेश्वरी मंदिर सिंघोड़ा, अर्जुण्डा स्थित घंटेश्वरी मंदिर, जामबहेलिएन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी भंडारा का आयोजन किया गया.

वहीं दुर्गा मंदिर, राज राजेश्वरी दुर्गात्सव समिति एवं आदर्श मैत्री मंडल ओड़ियापारा में कल दशमीं के दिन भंडारा रखा गया है. आकर्षण का केन्द्र रहीं जीवंत झांकियाँ जय स्तंभ चैक दुर्गोत्सव समिति में ताड़का वध सहित अन्य झांकियाँ एवं ओड़ियापारा में निर्मित झांकियों को देखने के लिए काफी भीड़ लगी रही.

 गोवर्धन पर्वत उठाते श्रीकृष्ण, दुर्घटना से बचने के लिए सीख, भगिनी निवेदिता, बेटी बचाओ, राधा कृष्ण, तप में लीन ऋषि, कंस वध, शबरी द्वारा राम को बेर खिलाते हुए, चार्ली चैपलिन आदि प्रतिदिन अलग-अलग जीवंत झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़ते रहे.