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स्वास्थ्य केंद्रों का होगा कायाकल्प, शत-प्रतिशत परिणाम लाने एक-दूसरे से सीखने की दी राय.

जिले के समस्त विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के सभी प्रभारियों को किया रिचार्ज

महासमुन्द 07 नवम्बर 2019/स्वास्थ्य सुविधाओं में कायाकल्प के तहत गत वर्ष जिले के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने जीते थे पुरस्कार। इस बार दो-गुने परिणाम देने विभाग ले रहा है ठोस निर्णय। इस तारतम्य गुरूवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसपी वारे ने जिले के समस्त विकासखंडों के चिकित्सा अधिकारियों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला व बैठक आहूत की। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कायाकल्प के तहत साफ़-सफाई, चिकित्सकीय कचरा प्रबंधन, प्रशिक्षण सहित कुल 07 मापदंडों के अनुरूप खरा उतरने के लिए खाखा तैयार किया गया।

डॉ वारे ने प्रशिक्षणार्थियों को शत-प्रतिशत परिणाम लाने की दिशा में लक्षित किया। साथ ही समस्या निराकरण के लिए निरंतर संपर्क व समन्वय बना कर चलने की सलाह दी। बढ़ते क्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने स्पष्ट किया कि कायाकल्प में सभी की सहभागिता जरूरी है। आपको चाहिए कि पूर्व में पुरस्कृत हो चुके पटेवा, भुरकोनी, बिरकोनी व हाथीबाहरा जैसे प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्रों का भ्रमण करें और उनकी उपलब्धियों को अपनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर यथाशीघ्र जिला मुख्यालय की ओर प्रेषित करें।

इस दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आरएमएनसीएचए सलाहकार श्री संदीप चन्द्राकर, गैर संचारी रोग विभाग की जिला सलाहकार सुश्री अदीबा बट्ट, जिला प्रशिक्षण समन्वयक श्री आजू राम वर्मा, शासकीय सामाजिक कार्यकर्ता असीम श्रीवास्तव सहित समस्त विकासखंडों के चिकित्सा अधिकारी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी उपस्थित थे।

सहकर्मी मूल्यांकन भी है जरूरी

आरएमएनसीएचए सलाहकार श्री संदीप चन्द्राकर ने बताया कि कायाकल्प प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाता है। राज्य स्तर पर आंकलन के पश्चात ही केंद्रों को सम्मानित किया जाता है। जिसके लिए त्रि-स्तरीय प्रारूप में प्राथमिक एवं अंतिम चरण में सहकर्मी मूल्यांकन के बाद 70 फीसदी खरे उतरने वाले केंद्रों की सूची ही आंकलन हेतु राज्य स्तर पर प्रेषित को जाती है।