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महासमुन्द में फार्म भरने गई महिला 24 घण्ठे से लापता


मामला सराईपाली थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत कनकेबा के आश्रीत ग्राम कौहाकुंडा का है. जहाँ सुनीता पटेल अपने मायके से फार्म भरने के नाम से महासमुन्द गई थी. बताया जा रहा है कि सुनीता प्रेरक के पद पर कार्यरत है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती सुनीता पटेल अपने किसी सहेली के साथ महासमुन्द फार्म भरने के नाम से महासमुन्द गई थी तथा महासमुन्द से कार्य निपटा कर आ रही थी. तभी अपने भाई को शाम 5:30 बजे फोन करके सूचना दी कि मैं 15 मिनट में पिथौरा पहुँच जाऊंगी.

बसना बोहरपार के पास 1 घण्ठा बाद लेने आना जिसके बाद लगभग शाम 6:30 बजे सुनीता का भाई कुम्हारी गौरटेक टेक होते हुए बोहरपार अपनी दीदी को लेने जा रहा था. तभी 3 बच्चे लोग मोटर सायकल के चपेट में आ गए जिससे विवाद की स्तिथि निर्मित हो गई और सुनीता के भाई को वहाँ पर ग्रामीणों द्वारा घेर लिया गया. जिसके बाद उसने अपने घर फोन करके पूरा मामला को समझा बुझा और मुवावजा देकर मामले को शांत कर लिया गया.

लेकिन इस घटना को शांत करने में लगभग 2 घण्ठे का समय लगते-लगते रात को 8 बज गए जिसके बाद उसका भाई बोहरपार जाते समय भी सुनीता को फोन किया तो सुनीता का नम्बर बन्द आया.

इधर जब सुनीता के पिता बोहरपार मोड़ के पास उसे लेने को पहुंचे तो सुनीता द्वारा बताए हुए स्थान से वह  गायब थी आस-पास सिंघनपुर, भुकेल, बिहारी ढाबा, बसना, पिथोरा बसस्टेंड तक पता किया लेकिन सुनीता का कही भी कोई पता नही चला.

मिली जानकारी के अनुसार सुनीता की सहेली सुनीता के साथ महासमनुन्द फार्म भरने के लिए जाने वाली थी लेकिन उसकी सहेली महासमुद जाने के लिये निकली और सुनीता के साथ नही गई बल्कि बीच रास्ते मे ही उतर गई. साथ जाने के लिए मना करने पर सुनीता अकेली ही फार्म भरने के लिए महासमुन्द चली गई.


इधर एक बात और सामने आ रही है कि महासमुन्द से सराईपाली आ रही बस को पिथौरा के पास एक्सचेंज भी किया गया था. मतलब सुनीता को एक बस से दूसरे बस में शिफ्ट किया गया था. सुनीता ने अपने पति को भी यह नही बताया था कि वह कार्य से महासमुंद जा रही है.

 

मिली जानकारी के अनुसार सुनीता 10 दिनों से अपने मायके कौहाकुंडा आई हुई थी. इधर कल से परिजन इस मामले को पुलिस थाना पहुंचे मगर 24 घण्ठे से पहले मामला दर्ज नही किया. लेकिन 24 घंटे बाद इस मामले को दर्ज कर लिया गया है.

सुनीता के सहेली का महासमुन्द नही जाना सुनीता की इस बात की जानकारी अपने पति भी नहीं देना पिथौरा के पास बस का एक्सचेज होना मोबाइल का बन्द बतना सुनीता के भाई का दुर्घटना होना ये सब इत्तिफाक नही हो सकता. ज्ञात हो कि महिला शिक्षित है कई सालों प्रेरक के रूप में कार्यरत है परिजन भी परेशान है ज्ञात हो कि सुनीता दाहिने हाथ से अपंग है.


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