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बिजली बिल आधा हुआ तो शासन को रायगढ़ सर्किल के लिए उठाना पड़ सकता है 10 करोड़ का आर्थिक बोझ

रायगढ़. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बिजली उपभोक्ताओं का बिल आधा करने की बात कही थी. प्रदेश में सरकार बनने के बाद इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. बिजली उपभोक्ता बिल के महंगी दरों से राहत मिलने की बात कह रहे हैं. हालांकि अब तक इस पर किसी तरह की कोई कवायद स्थानीय स्तर पर शुरू नहीं हुई है, पर सरकार ऐसा करती है तो शासन को रायगढ़ सर्किल के लिए प्रतिमाह 10 करोड़ का आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा.

जिले में सभी श्रेणी के 2 लाख 87 हजार उपभोक्ता हैं, इनसे हर माह 32 से 35 करोड़ का का बिल वसूला जाता है. कांग्रेस ने बिल हाफ का वादा किया है, माना जा रहा है कि इन्हीं के कारण पार्टी को चुनावों में बड़ा लाभ मिला. अगले एक दो दिन में नई सरकार के पद संभालते ही इन घोषणाओं को लागू करने की कवायद तेज हो जाएगी.

प्रदेश स्तर पर इसके लिए जानकारी एकत्रित की जा रही है. उर्जा विभाग दो दिनों से इनके आंकलन में जुटा हुआ है, यह लाभ किन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मिलेगा इसका निर्णय सरकार बनने के बाद होगी.

अभी खपत 7-8 करोड़ यूनिट प्रतिमाह 

जिले के पौने तीन लाख उपभोक्ताओं द्वारा वर्तमान प्रतिमाह 7 से 8 करोड़ यूनिट बिजली इस्तेमाल किया जा रहा है. इस पर 32 से 35 करोड़ बिल कंपनी वसूल कर रही है. 20 हजार पंप कनेक्शनों से 10 करोड़ रुपए वसूल किया जा रहा है. यदि किसानों को निशुल्क बिजली दी गई तो इसका बोझ शासन को उठाना पड़ेगा.

किसानों को अभी 7000 रुपए तक की बिजली फ्री 

खेतों की सिंचाई के अभी सरकार किसानों को सालना पंप कनेक्शनों पर 5 से 7 हजार तक बिजली निशुल्क दे रही है. इससे अधिक बिजली पर उन्हें बिल दिया जाता है. इसके लिए भी पंपों की क्षमता तय है. तय मानक से अधिक क्षमता वाले पंपों के इस्तेमाल पर किसी तरह की कोई छूट किसानों को नहीं मिलती है.