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कुपोषण मुक्ति का प्रयास सामाजिक सहभागिता से निश्चित

18 फरवरी 2019 श्याम सेन | मुख्यमंत्री सुपोषण मिशन अंतर्गत कुपोषण स्तर की जांच करने ग्राम छिबर्रा के आंगनबाड़ी केन्द्र मे आज 0 से 5 वर्ष के बच्चों का वजन कर वजन त्यौहार मनाया गया।
इस अवसर पर परिवेक्षक श्रीमती नंदिनी यदु ने आंगनबाड़ी केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। यदु ने नवजात शिशु संस्कार सेन का अपने समक्ष वजन करवाया। संस्कार का वजन करीब 3 किलो 300 ग्राम था। वही अन्य बच्चों का भी वजन कराया गया।

इस दौरान स्वास्थ्य संयोजक प्रीतम सिंह उइके ने कहा कि बच्चों में कुपोषण समाज के लिए अभिशाप है। कुपोषण के कारण न केवल बच्चों का विकास और उसका सम्पूर्ण जीवन प्रभावित होता है अपितु पूरे प्रदेश में शिशु एवं बाल मृत्यु दर का भी यह एक बड़ा कारण है। 

महिला स्वास्थ्य संयोजक उर्वशी उइके ने कहा कि विकास के इस युग में हमारी जिम्मेदारी है कि हमारे राज्य में जन्म लिये प्रत्येक बच्चा स्वस्थ रहे तथा उसका सर्वांगीण विकास हो। हमारे इस लक्ष्य के सामने कुपोषण एक बड़ी चुनौती है और इसको दूर करने के लिए बच्चों में इसकी समय पर पहचान व देखभाल अत्यंत जरूरी है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यशोदा निर्मलकर ने कहा कि वजन त्योहार अंतर्गत आयोजित गतिविधियों से प्रत्येक बच्चों के पोषण स्तर की जानकारी पालक को रहेगी। इससे कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाया जा सकेगा। कुपोषण मुक्ति का यह अभिनव प्रयास सामाजिक सहभागिता से निश्चित ही सफल होगा।



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