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लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएँ, ना अपराधी गिरफ्त में, ना ही संदिग्ध लोगो की मुसाफिरी दर्ज

बीते वर्ष भर मे लाखो रुपयो समेत समान की दर्जनो बड़ी चोरियां  हुई, किन्तु चोर अबतक पकड से बहार है, नाकामयाबी छुपाने के लिहाज से विभाग छोटी मोटी कार्यवाही कर कर्तव्यो से इतिश्री कर ली हैं। अनुविभगीय क्षेत्र पिथौरा चोरो के लिये अनुकूल स्थान बन चुका है।

स्थानीय लोगो मे असुरक्षा की भावना बनी हुई है, कभी थाने के बगल से ही ट्रक चोरी हो जाती है तो कभी एक ही रात  मे दो अलग-अलग स्थानो मे लाखो की चोरियां होती है, किन्तु विभाग को कोई सफलता अर्जित नही होती।

यू तो विभाग अवैध करोबरियो के पर पैनी नजर रखा करते है किंतु कार्यवाही न होना अनेक प्रकार के संदहो को जन्म भी देता है। कुछ दिन पुर्व व्यपारी नीरज अग्रवाल के घर से दिन दहाड़े तकरीबन 5 लाख समेत सामानो की चोरी हुई, चोर अबतक पकड से बहार है।

मुसफिरि तक दर्ज नही

नगर सहित अंचल के क्षेत्रों में कई बाहरी व्यक्ति आकर बस चुके हैं जिनकी ना कोई पहचान थाने में जमा है ना कोई मुसाफिर दर्ज है उसके बावजूद कई संदिग्ध व्यक्ति रोजाना सड़कों पर फेरी बेचते यानी सामान बेचते देखे जा सकते हैं।

एफ आई दर्ज कराने करनी पडती है मश्क्कते

एक ओर पुलिस महानिदेशक श्री अवस्थी जी द्वारा आम व्यक्तियो व पुलिस के बीच की दुरी कम करने हेतू समस्त जिले मे आदर्श थाना खोलने की बात करते है किन्तु थाना पिथौरा मे यदि कोई घटना सम्बंधीत जानकारी देने जाता है तो स्टाफ द्वारा पहले ही प्रार्थी को घंटो बैठा कर रखा जाता है उसके बाद फरियाद सुनी जाती है।


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