भारत सरकार जल्द ही GST 2.0 सुधार ढांचा लाने की तैयारी में है। नए प्रस्ताव के तहत अब देश में जीएसटी की जटिल टैक्स संरचना को सरल बनाते हुए केवल दो स्लैब – 5% और 18% रखे जाएंगे। इससे आम लोगों की जेब पर बोझ कम होगा और कई जरूरी चीजें सस्ती हो जाएंगी।
भारत में रूपे क्रेडिट कार्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खासकर यूपीआई इंटीग्रेशन के बाद, इसका इस्तेमाल और भी आसान और फायदेमंद हो गया है। कम प्रोसेसिंग चार्ज, बेहतर रिवॉर्ड और सरकारी समर्थन ने इसे आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए बेहतरीन विकल्प बना दिया है।
सोशल मीडिया अब सिर्फ टाइमपास का जरिया नहीं रहा, बल्कि लोगों के लिए मोटी कमाई का सबसे बड़ा साधन बन चुका है। आज लाखों क्रिएटर्स Instagram और YouTube पर कंटेंट बनाकर पैसे कमा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दोनों में से कौन-सा प्लेटफॉर्म ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं—
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने होम लोन की ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। यानी अब नए ग्राहकों को पहले की तुलना में ज्यादा ब्याज चुकाना होगा। जुलाई में जहां SBI की ब्याज दरें 7.50% से 8.45% के बीच थीं, वहीं अब ये बढ़कर 7.50% से 8.70% तक पहुंच गई हैं। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि पहले से चल रहे पुराने लोन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
लोन, कार फाइनेंस या प्रीमियम क्रेडिट कार्ड लेने के लिए सबसे जरूरी है अच्छा क्रेडिट स्कोर। अगर स्कोर अच्छा हो तो बैंक कम ब्याज और जल्दी अप्रूवल देते हैं। लेकिन 700 से कम स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट भी हो सकता है। कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपना स्कोर कुछ महीनों में 750+ तक ले जा सकते हैं।
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना चाहते हैं, तो अब यह काम आप Jio Finance App से सिर्फ ₹24 में कर सकते हैं। जियो ने अपने ऐप में एक नया टैक्स फाइलिंग और टैक्स प्लानिंग मॉड्यूल लॉन्च किया है, जिससे टैक्स भरना आसान, सस्ता और स्मार्ट हो गया है।
बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस को लेकर बैंकों के द्वारा लगातार अपडेट जारी किया जा रहा है, जिसके वजह से ग्राहकों के लिए सिरदर्द बन जाता है। जी हां, जब से ICICI Bank के द्वारा बड़ा कदम उठाते हुए मेट्रो और अर्बन शाखाओं के लिए मिनिमम बैलेंस की सीमा को अचानक पांच गुना बढ़ा दिया है,
ICICI बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए ATM से कैश निकालने और जमा करने के नियमों में बदलाव किया है। अब इन सेवाओं पर पहले से ज्यादा चार्ज लगेंगे। ये नई फीस 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगी।
अगर आपको अचानक पैसों की ज़रूरत पड़ जाए — शादी, मेडिकल इमरजेंसी, घर की मरम्मत, बच्चों की पढ़ाई या किसी अन्य निजी खर्च के लिए — तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का पर्सनल लोन एक बेहतर विकल्प हो सकता है। बैंक कम ब्याज दर, आसान किश्तें और न्यूनतम दस्तावेज़ी प्रक्रिया के साथ यह सुविधा देता है।