बसना : बम्हनी के धान खरीदी केंद्र में 1.16 करोड़ के धान की कमी, क्या बोगस धान खरीदी कर शासन को लगाया गया चूना, जाने कैसे जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया सीधे चला जाता है घोटालेबाजों की जेब में
बसना थाना अंतर्गत बम्हनी के धान खरीदी केंद्र में 1.16 करोड़ के धान की कमी होने का मामला उजागर हुआ है. इस मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी पर केस दर्ज किया गया है.
दरअसल कलेक्टर जांच में तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक पिथौरा की विशेष टीम द्वारा खरीदी केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमे 3,742 क्विंटल धान गायब मिला. रिकॉर्ड में 4,375.20 क्विंटल स्टॉक होना था, लेकिन मौके पर सिर्फ 633.20 क्विंटल धान ही मिला.
इसके आलावा जाँच में मौके पर उपलब्ध कराए गए पुराने खाली बारदाने भी स्टॉक से कम पाए गए.
मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी पं.क. 1209 के धान उपार्जन केन्द्र बम्हनी में 16 मई 2026 को कलेक्टर कार्यालय के खाद्य शाखा जिला महासमुन्द के आदेश पर गठित जॉच दल ने भौतिक सत्यापन किया.
यह जाँच मोहित कुमार अमिला तहसीलदार पिथौरा, दिव्यांशु देवांगन खाद्य निरीक्षक पिथौरा, उसत कुमार प्रधान शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा पिरदा, बेनीराम जगत एवं लखन डड़सेना धान संग्रहण केन्द्र पिथौरा के कर्मचारीयों द्वारा किया गया.
जाँच में पाया गया कि भौतिक सत्यापन में उपार्जन केन्द्र बम्हनी में कुल 40464.00 क्विंटल धान खरीदी की गई जिसमें से 36088.80 क्विंटल धान उठाव हो चुका है.
सरना धान की शेष मात्रा 20,80 क्विंटल एवं मोटा धान की शेष मात्रा 4354.4 क्विंटल कुल 4375.20 क्विंटल (10938 कट्टा) उपार्जन केन्द्र में उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में सरना धान 20.80 (52 कट्टा) एवं मोटा धान 612.40 (1531 कट्टा) पाया गया.
जबकि मोटा धान व कुल धान 3742 क्विंटल (9355) कट्टा) कम पाया गया जिसका समर्थन मुल्य 88,64,798 रू एवं कृषक उन्नती योजना राशि 27,35,402 रू कुल राशि 1,16,00,200 रूपया कम होना पाया गया.
मानक बारदाना नया 1381 नग एवं पुराना खाली बारदाना 15510 नग व कुल बारदाना 16891 नग उपलब्ध होना चाहिए, लेकिन भौतिक सत्यापन में नया बारदाना 1381 नग व पुराना खाली बारदाना 13500 नग भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया. इसके अतिरिक्त कुछ पुराना बारदाना अव्यवस्थित व अगणनिय स्थिति में थे.
इस तरह प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर स्कंध में कमी के लिए धान उपार्जन केन्द्र प्रभारी गंगाधर जगत का मुख्यतः जिम्मेदार होना पाया गया.
बताया गया गंगाधर जगत ने शासन द्वारा जारी धान नीति 2025-26 के विरूद्ध कार्य कर संस्था एवं शासन को क्षति पहुंचायी है, जिसपर गंगाधर जगत के विरुद्ध धारा 316(5)-BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया.
बोगस धान खरीदी की संभावना ?
बम्हनी धान खरीदी केंद्र में करीब 1.16 करोड़ के धान की कमी होना कई प्रकार के संदेहों को जन्म देता है, क्या यह सिर्फ धान की कमी मामला है या मामला कुछ और ही है.
कहीं बोगस धान खरीदी कर शासन को चूना लगाने की तो कोई योजना नहीं थी, क्योकि इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी का होना नामुनकिन सा नजर आता है.
हम आपको बताते है कि धान उपार्जन केंद्रों सोसायटियों के कुछ अधिकारी, बिचौलिए और व्यापारी कैसे मिलकर मिलीभगत करते हैं और बोगस धान खरीदी कर शासन को चुना लगाते हैं.
इसके लिए खरीदी केंद्र में खेतों या किसानों के नाम पर केवल कागजों और कंप्यूटर सिस्टम में एंट्री कर दी जाती है कि इन-इन किसानों से इतने क्विंटल धान खरीदा गया, जबकि वास्तव में उतना धान या तो नहीं ख़रीदा गया होता है, या तो कम खरीदा गया होता है.
इसके बाद इसके बदले बहुत ही घटिया, सड़ा-गला धान या फिर रबी फसल की धान उससे आधे दाम में खरीदकर लाकर रख दिया जाता है.
इस फर्जी एंट्री के बदले सरकार से मिलने वाला समर्थन मूल्य और छत्तीसगढ़ की कृषक उन्नति योजना की राशि बैंक खातों से निकाल ली जाती है और आपस में बांट ली जाती है. कई बार इस बोगस खरीदी में किसानों के ऋण पुस्तिका उपयोग करने से उन्हें भी कुछ हिस्सा दे दिया जाता है. और जनता के टैक्स का करोड़ों रुपया सीधे घोटालेबाजों की जेब में चला जाता है.