अब बस टाइप करो और बन जायेगी वीडियो, भारत का AI मॉडल लॉन्च  - CG Sandesh

अब बस टाइप करो और बन जायेगी वीडियो, भारत का AI मॉडल लॉन्च

भारत एआई मिशन के सहयोग से विकसित स्वदेशी वीडियो जनरेशन एआई मॉडल ‘वार्या’ को गुरुवार को लॉन्च किया गया। इसे एआई-आधारित ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी अवतार ने विकसित किया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो बेहद कम लागत और कम समय में तैयार कर सकता है, जिससे एआई वीडियो निर्माण को बड़े पैमाने पर आम लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन की उपस्थिति में ‘वार्या’ का अनावरण किया गया।

‘वार्या’ को भारत की विविध सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह मॉडल देश के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, भोजन, परिधान, सार्वजनिक स्थलों और दैनिक जीवन से जुड़े दृश्य तैयार करने में सक्षम है। इसका उद्देश्य केवल वीडियो बनाना नहीं, बल्कि साधारण विचारों को प्रभावशाली दृश्य कहानियों में बदलना है।
कंपनी के अनुसार, कोई शिक्षक गांव के स्कूल में पाठ को दृश्य रूप दे सकता है, कोई सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अपने उत्पाद का विज्ञापन तैयार कर सकता है, जबकि आम नागरिक वीडियो के माध्यम से विभिन्न जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। अवतार उन कंपनियों में शामिल है जिन्हें भारत एआई मिशन के तहत स्वदेशी फाउंडेशन एआई क्षमताओं के विकास के लिए चुना गया था। मिशन द्वारा उपलब्ध कराए गए सब्सिडी वाले राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग ढांचे ने ‘वार्या’ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कंपनी ने बताया कि ‘वार्या’ में डिस्टिलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके माध्यम से वीडियो निर्माण की प्रक्रिया 50 चरणों से घटकर मात्र 4 चरणों में पूरी हो जाती है। इसके बावजूद वीडियो की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होती। अवतार के आंतरिक परीक्षणों के अनुसार, ‘वार्या’ प्रति सेकंड लगभग 48 पैसे की लागत पर वीडियो तैयार कर सकता है। कंपनी का दावा है कि यह कई प्रमुख वैश्विक वीडियो एआई मॉडलों की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक किफायती है।

इस प्लेटफॉर्म का अनुभव “आइडिया से वीडियो और फिर कहानी” की अवधारणा पर आधारित है। उपयोगकर्ता केवल एक विचार लिखकर या तस्वीर अपलोड करके वीडियो तैयार कर सकता है और बाद में अतिरिक्त क्लिप जोड़कर पूरी कहानी विकसित कर सकता है। एक साधारण प्रॉम्प्ट को शिक्षा सामग्री, विज्ञापन, मार्गदर्शिका, फिल्म या किसी व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ी वीडियो कहानी में बदला जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि भारत एआई मिशन के तहत समर्थित फाउंडेशन मॉडल का लॉन्च देश की एआई यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह स्वदेशी एआई क्षमताओं के विकास और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीक तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है।

अवतार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक श्रवंत अलूरु ने कहा कि भारत की एआई क्षमता केवल बड़े मॉडल विकसित करने से नहीं, बल्कि अधिक कुशल और सुलभ मॉडल तैयार करने से तय होगी। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब लोगों वाले देश में किफायती एआई कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता है। कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में शिक्षा, ई-कॉमर्स, विज्ञापन, जनसंचार और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में ‘वार्या’ का व्यापक उपयोग देखने को मिल सकता है।

डिस्टिल्ड वीडियो जनरेशन मशीन लर्निंग की एक तकनीक है, जिसमें बड़ा और जटिल एआई मॉडल अपने ज्ञान को छोटे और तेज मॉडल में स्थानांतरित करता है। इससे कम संसाधनों और कम समय में समान गुणवत्ता वाला परिणाम प्राप्त किया जा सकता है। ‘वार्या’ इसी तकनीक का उपयोग कर भारत में बड़े पैमाने पर एआई वीडियो निर्माण को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास कर रहा है।


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त्रिवेन्द्र जगत

त्रिवेन्द्र जगत एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और cgsandesh.com के लेखक हैं। स्नातक की डिग्री और पत्रकारिता में 7+ वर्षों के अनुभव के साथ, वे पाठकों के लिए शिक्षा, करियर, करंट अफेयर्स और सरकारी योजनाओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और महत्वपूर्ण खबर लेकर आते हैं। सही, सटीक और समय पर जानकारी देना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
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