छत्तीसगढ़ में फिलहाल थमी बारिश, बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के आसार
उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना
छत्तीसगढ़ में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश में बारिश का दायरा फिलहाल सिमट गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में जल्द ही नया मौसम तंत्र बनने के संकेत हैं, जिसके प्रभाव से आगामी दिनों में फिर से बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अगले 24 घंटे में भी उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ तक सीमित रहीं। पेंड्रा सहित कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहे और बारिश नहीं हुई। रायपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। वहीं माना क्षेत्र में रात के दौरान वर्षा जारी रही और लगभग 52 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. गायत्री ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक बारिश का मुख्य प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा।
इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। बाइट – डॉ. गायत्री, मौसम वैज्ञानिक मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में मानसून का लगभग आधा सीजन बीत चुका है, लेकिन अब तक बारिश का वितरण असमान रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों और जल स्रोतों को लेकर चिंता बनी हुई है।