किसानों की बदली तस्वीर, सिंघाड़े की खेती से बढ़ रही आय
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम कोटगढ़ में सिंघाड़े की खेती किसानों के लिए आय का बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। गांव के करीब दो दर्जन किसान तालाबों में बड़े पैमाने पर सिंघाड़े की खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
एक समय था जब क्षेत्र में केवल कुछ किसान ही सिंघाड़े की खेती करते थे, लेकिन अब इसकी सफलता को देखते हुए कई किसान इस खेती को अपना रहे हैं। बदलते समय के साथ किसानों ने पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक और लाभकारी फसलों को अपनाना शुरू किया है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार सिंघाड़े की खेती कम लागत में बेहतर मुनाफा देने वाली फसल है।
यदि वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती की जाए तो किसानों को अच्छा उत्पादन और अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है। अकलतरा क्षेत्र में उपलब्ध तालाब और जल संसाधन इस खेती के लिए अनुकूल साबित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि सिंघाड़े की खेती से उन्हें पारंपरिक फसलों की तुलना में बेहतर आय प्राप्त हो रही है। यही कारण है कि हर वर्ष इस खेती से जुड़ने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है।