महासमुंद की बेटी चंद्र मिशन से जुड़े सैटेलाइट निर्माण में निभाएगी भूमिका
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की छात्रा रागिनी साहू ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय चंद्र मिशन ‘मिशन शक्तिसैट’ (Mission ShaktiSAT) के लिए चयनित होकर प्रदेश और जिले का गौरव बढ़ाया है। अब रागिनी देश के चुनिंदा युवा प्रतिभागियों के साथ मिलकर चंद्र मिशन से जुड़े सैटेलाइट निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेंगी। शासकीय आशीबाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की छात्रा रागिनी साहू ने अटल टिंकरिंग लैब (ATL) के माध्यम से मिशन शक्तिसैट में भाग लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारत में अधिकृत संस्था स्पेस किड्ज इंडिया (Space Kidz India) द्वारा किया जा रहा है। देशभर से केवल 20 प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जिनमें रागिनी भी शामिल हैं। रागिनी ने चयन प्रक्रिया के तहत लगभग 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण, 21 तकनीकी मॉड्यूल और अंतरिक्ष एवं सैटेलाइट विज्ञान से जुड़े 550 से अधिक पाठ सफलतापूर्वक पूरे किए। तकनीकी मूल्यांकन और राष्ट्रीय स्तर के साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय मिशन 108 देशों की भागीदारी वाला चंद्र अभियान है। इसके तहत छात्राएं दो मून सैटेलाइट विकसित करेंगी। इनमें से एक सैटेलाइट चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जबकि दूसरा चंद्र सतह पर उतरकर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
स्पेस इंजीनियर बनने का सपना संजोए रागिनी ने अपनी इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि वह अन्य छात्राओं को भी विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा ऐसे अभियानों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। रागिनी की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी एवं भौतिकी व्याख्याता चन्द्रशेखर मिथिलेश तथा विद्यालय के प्राचार्य गोविंद राम सिन्हा ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि रागिनी 22 से 31 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेंगी। इस दौरान उन्हें इसरो, इन-स्पेस (IN-SPACe) के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त होगा। विद्यार्थियों द्वारा विकसित सैटेलाइट का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो द्वारा प्रस्तावित है।