महासमुंद : उद्यानिकी नर्सरी प्रबंधन अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा लगभग 700 फलदार एवं सजावटी पौधे तैयार किए गए
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र,महासमुंद, जिला–महासमुंद में उद्यानिकी नर्सरी प्रबंधन विषय के अंतर्गत द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न फलदार एवं सजावटी (ऑर्नामेंटल) पौधों के लगभग 700 पौधे पॉलीबैग में तैयार किए गए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रावधानों के अनुरूप विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्धारित संख्या से अधिक पौधे तैयार किए गए।
इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक उद्यानिकी नर्सरी प्रबंधन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराना, गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने का प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने रोपण माध्यम की तैयारी, पौध तैयार करना, पौधों की देखभाल, सिंचाई, पोषण प्रबंधन तथा उद्यानिकी नर्सरी की आधुनिक तकनीकों का व्यवहारिक ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन डॉ. संदीप भंडारकर (अधिष्ठाता) के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में तथा डॉ. पी. सी. चौरसिया (सहायक प्राध्यापक) एवं डॉ. ओकेश चंद्राकर (सहायक प्राध्यापक) के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने, आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों, उद्यानिकी नर्सरी प्रबंधन तथा उद्यानिकी आधारित स्वरोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
यह पहल महाविद्यालय में कौशल-आधारित, अनुभवात्मक एवं व्यावहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों में आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों के प्रति दक्षता विकसित होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता, नवाचार एवं उद्यमशीलता की भावना को भी सुदृढ़ बल मिलेगा।