रात के अंधेरे मे कुंए में गिरी कार, पिता समेत दो बेटियों की मौत
मध्यप्रदेश के सागर में कुएं में कार गिरने से पिता समेत दो बेटों की मौत हो गई। शिक्षक पिता अपने बच्चों को कार से घुमाने के लिए ले गए थे, वापस आकर घर में कार खड़ी कर रहे थे, इसी दौरान कार की स्पीड बढ़ी और वह बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरी।
सागर में गुरुवार देर रात एक हादसे में पिता समेत 2 बेटों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब शिक्षक पिता अपने दो बेटों को कार से घुमाने के बाद घर लौट रहे थे, इसी दौरान कार को रिवर्स करते समय कार बिना मुंडेर के 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। कुएं में करीब 10 फीट तक पानी भर था, हादसे में पिता समेत दो बेटों के मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी पुलिस को मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों शव और कार को कुएं से बाहर निकाला गया। फिलहाल सागर की मोतीनगर पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार शिक्षक हिमांशु तिवारी (उम्र 40 साल) का परिवार मुंडीटोरी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास गोविंदनगर कॉलोनी में रहता है। हिमांशु शिकारपुर माध्यमिक शाला में पदस्थ हैं। गुरुवार रात बेटे नित्यांशु (14) उर्फ बिट्टू तिवारी और धनंजय (10) उर्फ ध्रुव तिवारी को लेकर वह कार से घुमाने के लिए निकले थे, जब वे घूमकर वापस घर लौटे तो कार रिवर्स कर रहे थे। इसी दौरान उनकी कर की स्पीड बढ़ गई और कार सीधे बिना मुंडेर के कुएं में जा गिरी, जिस वक्त कार गिरी उस दौरान हिमांशु की पत्नी मणिप्रभा घर के अंदर थीं।
कुएं में कार गिरने से तेज आवाज आई, जिसे सुनकर लोगों ने कुएं में झांका तो उन्हें कार का एक हिस्सा नजर आया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी का मौहाल बन गया। कॉलोनी के लोगों ने तत्काल डायल-100 और मोतीनगर पुलिस को सूचित किया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बाहर से क्रेन मंगवाकर रेस्क्यू शुरू किया। हादसे के करीब 45 मिनट बाद रेस्क्यू शुरू हुआ। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। कार के बाहर आते ही लोग उसमें शिक्षक हिमांशु का शव देखकर चीख पड़े। हिमांशु को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कार में सिर्फ हिमांशु का शव था, जबकि दोनों बच्चों के शव कुएं से बरामद किए गए। रेस्क्यू के दौरान सबसे पहले छोटे बेटे ध्रुव का शव निकाला गया बाद में कांटा डालकर बड़े बेटे बिट्टू का शव निकाला गया। शिक्षक की पत्नी मणिप्रभा को हादसे की मनहूस खबर नहीं दी गई। देर रात तक उन्हें केवल पति और बच्चों के अस्पताल में होने की बात बताई गई।
हर दिन दिव्यांग बेटे को कार से घुमाते थे
हिमांशु रोज अपने बड़े बेटे बिट्टू को खाना खाने के बाद कार से घुमाया करते थे, उनका बड़ा बेटा जन्म से ही दिव्यांग था। उसे घुमाने के लिए ही पिता ने कार खरीदी थी। घर के पास के मैदान में वे रोज अपने बेटों और आसपास के बच्चों के कार में घुमाया करते थे। हादसे वाले दिन सिर्फ उनके ही दोनों बेटे कार में सवार थे। हिमांशु की कार ऑटोमैटिक थी।
बिना मुंडेर का था कुआं
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में शोक और आक्रोश है। परिजनों और रिश्तेदारों ने कुआं मालिक का हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। बताया जा रहा है कि जिस कुएं में कार गिरी उसमें मुंडेर नहीं है। कुआं करीब 80 फीट चौड़ा और 50 फीट गहरा है। मृतक की पत्नी मणिप्रभा और परिजनों का आरोप है कि कई बार बाउंड्री बनाने के लिए कहा गया था, लेकिन बात नहीं सुनी गई। मोतीनगर थाना प्रभारी नवल आर्य ने पूरे मामले की जांच की बात कही हैै।