काली मंदिर के पास एक ट्रक पलटने से आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत... - CG Sandesh

काली मंदिर के पास एक ट्रक पलटने से आठ मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई गंभीर रूप से घायल

पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में एनएच-57 पर जलालगढ़ थाना (Jalalgarh Police Station) क्षेत्र के काली मंदिर के पास एक ट्रक पलटने से आठ मजदूरों की दबकर मौत हो गई। सोमवार की सुबह यह हादसा हुआ है। ट्रक पर लोहे का पाइप था जिसपर लगभग दर्जन भर से अधिक मजदूर सवार थे। ट्रक पलटने से सभी मजदूर पाइप के नीचे दब गए जिससे मौके पर ही आठ मजदूरों ने दम तोड़ दिया। अन्य कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए जलालगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Jalalgarh Primary Health Center) में लाया गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से पाइप को हटाया गया। शव को थाना भेजा गया फिर यहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मरने वाले सभी मजदूर राजस्थान के बताए जा रहे हैं। चश्मदीदों की मानें तो जलालगढ़ के दर्जिया बाड़ी के समीप तेज रफ्तार ट्रक सड़क किनारे पलट गई। ट्रक पलटते ही तेज आवाज हुई जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।

नींद में था ट्रक चालक 

मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि ट्रक के डाले में लोहे के पाइप के अंदर दर्जनों लोग दबे हुए हैं। इसकी सूचना पुलिस को दी और खुद से ही जेसीबी मंगवाकर ट्रक को उठाया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। ये सभी मजदूर अगरतला से काम खत्म कर जम्मू जा रहे थे। वे बड़े-बड़े बोरवेल बनाने का काम करते थे। घायल मजदूरों की मानें तो रास्ते में ड्राइवर को नींद आने लगी थी जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। घायलों ने बताया कि ड्राइवर सहित ट्रक में कुल 16 लोग सवार थे।

मृतकों के नाम

मरने वालों में ईश्वर लाल, वाशु लाल, कांति लाला, काबा राम, मणि लाला, हरीश, दुष्यंत और एक अज्ञात है जो ट्रक का खलासी बताया जा रहा है। मरने वाले मजदूर राजस्थान के उदयपुर खैरवाड़ा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में घायल मजदूरों से पूछताछ और बाकी जानकारी ले रही है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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