ग्राहकों पर ATM हुआ मेहरबान, यहाँ 100 की जगह निकलने लगे 500 ... - CG Sandesh

ग्राहकों पर ATM हुआ मेहरबान, यहाँ 100 की जगह निकलने लगे 500 रूपये के नोट, लगी लंबी लाइन

नागपुर। एटीएम से पैसे निकालने पहुंचा एक शख्स उस वक्त हैरान रह गया, जब उसे मशीन से पांच सौ रुपए की जगह 500 के पांच नोट मिलने लगे। मामला महाराष्ट्र के नागपुर जिले का है, जहां एक एटीएम मशीन से 100 की जगह पांच सौ के नोट निकलने लगे।


एक नहीं दो बार निकाला 5 गुना कैश

एक बार कैश डिस्पेंसर से 500- 500 के पांच नोट निकले के बाद शख्स ने फिर ऐसा ही दोबारा किया, जिसके बाद उसे फिर से 500 रुपए की जगह 2500 रुपए मिले। इसके बाद यह खबर ऐसी फैली की पैसा निकालने वालों की लंबी लाइन लग गई।

बैंक का एटीएम ग्राहकों पर मेहरबान

जानकारी के मुताबिक 100 की जगह 500 का नोट देने वाली यह घटना नागपुर शहर से करीब 30 किमी दूर खापरखेड़ा कस्बे की है, जहां बुधनार को एक निजी बैंक का एटीएम ग्राहकों पर मेहरबान हो गया। ऐसे में जब पैसों को लेकर यह खबर बाजार में उड़ी तो लोग आनन-फानन में एटीएम की लाइन में लग गए। देखते ही देखते एटीएम के बाहर पैसा निकालने की भारी भीड़ जमा हो गई।

पुलिस ने बंद कराया एटीएम

हालांकि किसी की तरफ से पुलिस को मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला और एटीएम के बाहर लगी भीड़ को हटाकर उसे बंद कर दिया। खापरखेड़ा पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद बैंक इसकी सूचना दे दी गई थी।

...तो इस वजह से हुआ ऐसा

उन्होंने बताया कि एटीएम में तकनीकी खराबी की कारण मशीन एक्स्ट्रा पैसे निकल रही थी। बैंक अधिकारी के मुताबिक 500 रुपए के नोटों को गलती से 100 रुपए की एटीएम ट्रे में रखा गया था। जिसके बाद 100 रुपए निकालने पर 500 रुपए का नोट निकल रहा था। फिलहाल इस मामले में अब तक किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां 100 की जगह 500 रुपए एटीएम फेंकने लगा था।


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें