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यहाँ महिलाएं कर रही हैं सेक्स हड़ताल, जानिये क्या है पूरा मामला

डेस्क। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) के आदेश के खिलाफ महिलाएं अनूठी सेक्स हड़ताल (sex strike) कर रही है। इसके तहत देश में गर्भपात (Abortion) को कानूनी वैधता नहीं मिलने तक वे पुरुषों से संबंध नहीं बनाने का आह्वान कर रही हैं। अनूठी सेक्स स्ट्राइक की मांग सोशल मीडिया में जोर पकड़ती जा रही है।

मामला यह है कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के अधिकार को खत्म कर दिया है। इससे 26 राज्य इस पर पाबंदी का कानून बनाने पर विचार कर रह रहे हैं। इससे महिलाएं खफा हैं। वे अनूठे ढंग से इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ रहे हैं। महिलाएं अपने इस आंदोलन में पुरुषों से भी सहयोग मांग रही हैं।

किसी पुरुष से संबंध नहीं रखेंगी

अमेरिकी महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए पुरुषों से तब तक सेक्स से बचने के लिए कह रही हैं जब तक कि गर्भपात का अधिकार की बहाली का संघीय कानून नहीं बनता। सोशल मीडिया में अनूठे हैशटैग से हड़ताल को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। #SexStrike और #abstinence ट्रेंड हो रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि हम गर्भावस्था का खतरा नहीं उठा सकती हैं, इसलिए हम किसी भी पुरुष के साथ यौन संबंध नहीं रखेंगे। पति के साथ भी संबंध नहीं बनाएंगे। जब तक हम गर्भवती नहीं होना चाहेंगी, तब तक यौन संबंध नहीं बनाएंगी।

हमारे शरीर पर हमारा अधिकार नहीं तो पुरुषों का भी नहीं

अमेरिकी महिलाओं का कहना है कि यदि हमारे शरीर पर हमारा अधिकार नहीं है तो पुरुषों का भी नहीं है। एक यूजर ने ट्वीट किया, ‘मैं न्यूयॉर्क में रहती हूं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ हूं। मैं ऐसे लोगों को ढूंढ रही हूं जो सेक्स स्ट्राइक का समर्थन कर रहे हैं। यही हमारी ताकत है। गर्भपात के अधिकार को संघीय कानून बनने तक सेक्स न करें।’ देशव्यापी सेक्स स्ट्राइक का समर्थन करते हुए एक अन्य महिला ने लिखा ‘जब तक महिलाओं को गर्भपात का कानूनी हक नहीं मिलता तब तक पुरुषों से संबंध न बनाएं।’

दुष्कर्म पीड़िता माया डेमरी भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जमकर भड़कीं हैं। उसने लिखा कि ‘अगर यह दुनिया सोचती है कि वे हमेशा के लिए महिलाओं पर अत्याचार कर सकते हैं, तो हम अपने पैर सिकोड़ लेंगे।’ कैरोलाइन हीले ने कहा कि इस फैसले से संकेत मिलता है कि एक पुरुष की सेक्स लाइफ ज्यादा अहम है, बजाए महिला के।

फैसले का हो रहा कड़ा विरोध, सीनेट के बाहर उग्र प्रदर्शन

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है। इसके खिलाफ लोग सड़कों पर भी उतर आए हैं। एरिजोना कैपिटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने सीनेट भवन के शीशे के दरवाजों से धक्कामुक्की शुरू की तो कई सांसद हमले की आशंका से इमारत के तहखाने में जाकर छिप गए।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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