बॉलीवुड के इस मशहूर अभिनेता की मां का निधन  - CG Sandesh

बॉलीवुड के इस मशहूर अभिनेता की मां का निधन

 मुंबई :  बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर्स में से एक मनोज बाजपेयी की मां गीता देवी का निधन हो गया है। लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार यानी आज सुबह दिल्ली के एक अस्पताल में सुबह 8.30 बजे एक्टर की मां गीता देवी ने अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 80 साल थी।

राजधानी में चल रहा था इलाज

जानकारी के मुताबिक मनोज बाजपेयी की मां गीता देवी का बीमारी की वजह कुछ दिनों से दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा था। पिछले एक हफ्ते में गीता देवी की तबियत ज्यादा खराब हो गई थी जिसके बाद उन्हें दिल्ली के पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर और मैक्स सुपरस्पेशिएलिटी अस्पताल में भी इलाज के लिए लाया गया था। हाल ही में अपने बिजी शेड्यूल से टाइम निकालकर मनोज बाजपेयी भी मां से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे थे।


अशोक पंडित ने ट्वीट कर जाहिर किया दुख

वहीं मां के निधन से मनोज बाजपेयी का पूरा परिवार सदमे में है। मनोज बाजयेपी भी टूट गए हैं और इस दुख की घड़ी में परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि मनोज की मां के निधन की सूचना अशोक पंडित ने ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है,” मनोज बाजयेपी आपकी आदरणीय मां के दुखद निधन पर आपके और आपके पूर परिवार को हमारी हार्दिक संवेदनाएं। ओम शांति!”

एक साल पहले पिता का भी हुआ था निधन

बता दें कि मनोज बाजपेयी के माता-पिता का निधन एक साल के अंतराल में हुआ है। दरअसल मनोज बाजपेयी के पिता राधाकांत बाजपेयी का देहांत पिछले साल अक्टूबर महीने में दिल्ली में ही हुआ था। मनोज बाजपेयी अपनी मां और पिता के बेहद करीब थी।

अक्सर इंटरव्यू के दौरान वे अपनी मां की एक सीख जरूर बताया करते थे कि जिसे सफलता नहीं मिलती उसे कभी बेवकूफ नहीं समझना चाहिए। एक साल के भीतर माता-पिता दोनों का साया सिर से उठ जाने से एक्टर बहुत गमगीन हैं।

मनोज का जन्म बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेलवा में हुआ था। वह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में शामिल होने के लिए दिल्ली आ गए थे और फिर एक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए मुंबई चले गए थे।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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