कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका , जैकलीन को नहीं मिली बीमार मां से ... - CG Sandesh

कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका , जैकलीन को नहीं मिली बीमार मां से मिलने की इजाज़त

नई दिल्ली.  दिल्ली कोर्ट में जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी बीमार मां से मिलने के लिए बहरीन जाने की इजाज़त मांगी थी. उस याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। वहीं बाद में जैकलीन ने अपनी याचिका कोर्ट से वापस ले ली. जिसमें एक्ट्रेस 23 दिसंबर से पांच जनवरी तक बहरीन जाना चाहती हैं.

अदालत ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर की संलिप्तता वाले 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की एक याचिका पर ईडी से मंगलवार को जवाब मांगा था, जिसमें उन्होंने अपनी मां से मिलने बहरीन जाने की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया था.

इससे पहले, याचिका पर सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट ने पूछा, ‘क्या आपने बहरीन का वीजा लिया है?’ इसके जवाब में जैकलीन के वकील ने कहा, ‘वीजा पहले से था.’ फिर ईडी ने कहा, ‘मामला बहुत ही अहम मोड़ पर है और ये विदेशी नागरिक हैं.’ इसके बाद जैकलीन से कोर्ट ने कहा, ‘जांच अहम मोड़ पर है. तो इस सूरत में जाने की ज़रूरत क्या है. हम समझ रहे हैं कि आपके लिए इमोशनल मामला है. आप अपनी बीमार मां से मिलना चाहती हैं.’




ईडी ने जैकलीन की विदेश जाने की इजाज़त मांगने वाली याचिका का विरोध किया. जांच एजेंसी ने कहा कि जैकलीन अपना करियर विदेश में भी बना सकती हैं. कोर्ट ने जैकलीन के वकील से पूछा कि क्या वह अपनी याचिका वापस ले रही हैं? इसके बाद जैकलीन के वकील ने जैकलीन से बात करने के लिए वक़्त मांगा. कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडिस के वकील से कहा कि वह याचिका वापस लेने पर जैकलीन से पूछ कर बताए. थोड़ी देर बाद जब सुनवाई फिर से शुरू हुई, तो जैकलीन ने अपनी याचिका कोर्ट से वापस ले ली.

कोर्ट ने इस मामलें में अभी तक जैकलीन को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्हें 15 नवंबर को नियमित जमानत दे दी थी. निदेशालय ने जांच के संबंध में कई बार अभिनेत्री को पूछताछ के लिए बुलाया था।





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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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