केंद्र सरकार ने पूरा किया वादा…नए बजट से पहले ही लोगों की ब... - CG Sandesh

केंद्र सरकार ने पूरा किया वादा…नए बजट से पहले ही लोगों की बल्ले-बल्ले!

नई दिल्ली :  नए साल की शुरुआत हो चुकी है। नए साल में कुछ नई चीजें भी जरूर होने वाली है। साथ ही नए साल में केंद्रीय बजट भी केंद्र सरकार की ओर से पेश किया जाने वाला है। अब कुछ हफ्तों के बाद केंद्र सरकार की ओर से देश के लिए बजट 2023-24 पेश किया जाएगा। हालांकि इसी बीच केंद्र सरकार ने कई वादे भी पूरे किए हैं। केंद्र सरकार की ओर से पिछले साल पेश किए गए बजट 2022-23 में जो ऐलान किए गए थे, उनकी भी पूर्ती की गई है।

बजट 2022-23 के वादे हुए पूरे

अब सरकार की ओर से बताया भी गया है कि उन्होंने जो बजट 2022-23 में वादे किए थे, उनको पूरा किया गया है। इसी क्रम में सरकार की ओर से बताया गया है कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को प्रोत्साहन देते हुए सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम टैक्स को घटाया गया है और इसे घटाकर 15% कर दिया गया है। इसके अलावा सरचार्ज भी घटाया गया है। सरचार्ज को 12% से घटाकर 7% कर दिया गया है। इससे हजारों लोगों को फायदा मिला है।


आयकर विभाग में किए गए सुधार

सहकारी समितियों के लिए आयकर विभाग द्वारा किए गए सुधार से काफी लोगों को लाभ मिला है। सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम टैक्स को घटाकर 15% कर दिया गया है ताकि उन्हें कंपनियों के बराबर लाया जा सके। वहीं सहकारी समितियों के लिए आयकर विभाग के जरिए किए गए सुधार में 1 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 10 करोड़ रुपये से कम आय वाली सहकारी समितियों के लिए सरचार्ज 12% से घटाकर 7% किया जाना भी शामिल है।

इनकम टैक्स विभाग

इसके साथ ही कटौती की अनुमति देने के लिए धारा 80डीडी में संशोधन किया गया है, जहां माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान दिव्यांग आश्रितों को वार्षिक धनराशि और एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाता है। इसके साथ ही सरचार्ज/सेस पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया गया कि कर योग्य आय की गणना में कटौती के तौर पर सरचार्ज/सेस स्वीकार्य नहीं है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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