रोमांटिक डूडल बनाकर गूगल ने वैलेंटाइन डे पर दिया प्रेम का सं... - CG Sandesh

रोमांटिक डूडल बनाकर गूगल ने वैलेंटाइन डे पर दिया प्रेम का संदेश

नयी दिल्ली / इंटरनेट सर्चइंजन गूगल (Internet search engine Google) ने आज वैलेंटाइन डे के मौके पर पानी की बूंदो का दिल का आकार लेते रोमांटिक त्रिआयामी डूडल बनाकर प्रेम का संदेश दिया। बदलते वैश्विक उदारीकरण के मौजूदा दौर में फरवरी का महीना प्रेमियों के प्यार की अभिव्यक्ति के अवसर के रूप में लोकप्रिय है। फरवरी के दूसरे सप्ताहंत में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के मौके पर युगल परस्पर प्रेम का इजहार करते हैँ तथा इस दिन को खुशनुमा और यादगार बनाने का तलबगार रहते हैं।

 

 


प्रेमी युगल और विवाहित जोड़ों की इन्हीं भावनाओं की अभिव्यक्ति को लेकर गूगल ने रोमांटिक डूडल बनाया है। त्रिआयामी रूप से सृजित इस डूडल (Doodle) में पानी की बूंदे दिल का आकार लेकर प्यार का संदेश दे रही हैं। डूडल में रूमानियत का भावों का व्यक्त करती पानी की दो बूंदे अलग होकर फिर से एक हो जाती है और दिल का आकार ले लेती हैं। विश्व भर में वैलेंटाइन डे के मौके पर प्रेम की अभिव्यक्ति के साथ लोग अपने प्रेमियों, दोस्तों और पार्टनर को गुलाब तथा अन्य उपहार भेंट करने की भी परंपरा है। यह एक तरह वैश्विक बाजारीकरण को भी परिलक्षित करती है। गूगल ने अपने डूडल के जरिए वैलेंटाइन डे (Valentines Day) की शुरुआत पर प्रकाश डाला है।

 

डूडल के अनुसार इटली में रोम के पादरी संत वैलेंटाइन के नाम वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। कहा जाता है कि संत वैलेंटाइन दुनिया में प्यार को बढ़ावा देने में विश्वास रखते थे। वहीं लेकिन रोम के शासक क्लाउडियस प्रेम एवं प्रेमविवाह के खिलाफ थे और इसी करण उन्होंने इस पर रोक लगा दी थी। संत वैलेंटाइन ने इसका विरोध करते हुए अनेकों प्रेमविवाह करवाये। क्लाउडियस ने इससे कुपित होकर संत वैलेंटाइन को मृत्युदंड का फरमान सुना दिया और 14 फरवरी के दिन उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया गया।




author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें