आपके लिवर को समय से पहले बूढ़ा बना रहे हैं 6 फूड, तुरंत बदल ... - CG Sandesh

आपके लिवर को समय से पहले बूढ़ा बना रहे हैं 6 फूड, तुरंत बदल डालें आदत

भारत में लिवर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है. भारत में हर साल लगभग दस लाख लोग इस बीमारी का शिकार बन जाते हैं. लिवर हमारे शरीर का एक अहम अंग है, जो हमारे

शरीर में बहुत सारे काम करता है. इसलिए इसका स्वस्थ होना बेहद जरूरी है. ये खाने को पचाने में सहायक है जो हमारे स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है. यहां जानें लिवर को समय से पहले बूढ़ा बनाने वाले उसके ‘दुश्मन’ फूड.

 


‘लीवर के लिए सही नहीं हैं ये फूड’

कुछ फूड्स ह्यूमन लीवर को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं. इसलिए उनसे हमेशा बचने की सलाह दी जाती है. ये 6 खराब फूड आइटम देखते ही फौरन संभलते हुए सचेत हो जाना चाहिए.

1. शराब: शराब फैटी लिवर के साथ-साथ लिवर से जुड़ी बीमारियों की वजह हो सकती है.

2. लाल मांस: बीफ में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है, जिससे आपके लिवर को नुकसान पहुंच सकता है.

3. नमक: ज्‍यादा नमक खाना लिवर को भी नुकसान पहुंचाता है. नमक में सोडियम होता है. ज्‍यादा नमक खाने से शरीर में अतिरिक्‍त पानी जमा होता है. इससे लिवर में सूजन आने का खतरा हो जाता है. यही वजह है कि फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस के केस में नमक को लेकर परहेज किया जाता है.

4.प्रोसेस्ड फूड: प्रोसेस्ड फूड या पैकेट बंद चीजें, खासकर ब्रेड, पिज्जा और पास्ता जैसे आइटम भी आपके लिवर के लिए बहुत नुकसानदायक हैं. ये फूड आइटम्स लिवर में फैट बढ़ाने का काम करते हैं और फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ाते हैं.

5.मैदा: मैदा को लिवर के लिहाज से अच्‍छा नहीं माना जाता. इसलिए मैदा से बनी चीजों को बहुत ज्‍यादा नहीं खाना चाहिए. गेहूं से मैदा बनाते समय इसमें से प्रोटीन निकाल लिया जाता है, जिसके कारण यह एसिडिक बन जाता है. ऐसे में मैदा से बनी ज्‍यादा चीजें खाने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है. वहीं तली चीजों को खाने से भी परहेज करना चाहिए.

6.चीनी: मीठा खाने के शौकीनों को लीवर की सेहत के लिए कैंडी, केक, कुकीज, प्रॉसेस्ड फ्रूट जूस जैसी चीजें भी नहीं खानी चाहिए. चीनी में फैक्ट्रोज के कारण लीवर में फैटी बिल्डअप होना शुरू हो जाता है. यानी हाई सुगर वाले फूड्स की वजह से लीवर फैटी होने लगता है.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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