अगर आपके खाते में नहीं हैं पैसे, तो भी कर सकेंगे UPI से भुगत... - CG Sandesh

अगर आपके खाते में नहीं हैं पैसे, तो भी कर सकेंगे UPI से भुगतान! जानें पूरा प्रोसेस...

आरबीआई ने बैंकों को यूपीआई नेटवर्क के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनों को ट्रांसफर करने की अनुमति दी है. इसके तहत अगर किसी ग्राहक के बैंक खाते में पैसे नहीं होंगे तो भी वो एक लिमिट तक यूपीआई के जरिए पैसों का भुगतान कर सकेगा. यह उपाय UPI सेवाओं को क्रेडिट कार्ड की तरह काम करने और भुगतान प्लेटफॉर्म के लगभग 30 करोड़ उपयोगकर्ताओं को कम मूल्य का क्रेडिट प्रदान करने में सक्षम करेगा.

आरबीआई ने दी अनुमति

RBI ने पहले ही बैंकों को ग्राहकों को ओवरड्राफ्ट प्रदान करने की अनुमति दे दी है, जिसे वे UPI के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं. क्रेडिट लाइन से फंड ट्रांसफर करने की अनुमति अब बैंकों को क्रेडिट कार्ड जैसे लोन की संरचना करने में सक्षम बनाएगी. इस कदम की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यूपीआई एक मजबूत मंच है जो भारत में 75% खुदरा डिजिटल भुगतान को संभालता है.

दास ने कहा, “RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करने की अनुमति दी गई थी. वर्तमान में UPI लेनदेन बैंकों में जमा खातों के बीच सक्षम हैं, कभी-कभी प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा इंटरमीडिएट किया जाता है, जिसमें वॉलेट भी शामिल है. अब बैंकों में पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनों में से ट्रांसफर को सक्षम करके यूपीआई के दायरे का विस्तार करने का प्रस्ताव है.

यूपीआई पेमेंट

हालांकि, क्रेडिट कार्ड ये सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं क्योंकि वे व्यापारी से शुल्क लेते हैं. क्रेडिट कार्ड पर यूपीआई का लाभ यह है कि बैंकों को नए उपयोगकर्ताओं को साइन अप करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे मौजूदा ग्राहकों को क्रेडिट प्रदान कर सकते हैं. बैंकों को कार्ड जारी करने, मर्चेंट्स को साइन अप करने या स्वाइप मशीन लगाने में भी खर्च नहीं करना पड़ता है.

क्रेडिट कार्ड

वहीं बैंकरों ने कहा कि नए उत्पाद की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या नए नियम बैंकों को 30 दिनों के लिए ब्याज मुक्त क्रेडिट और लेनदेन के लिए रिवॉर्ड अंक प्रदान करके क्रेडिट कार्ड के समान अल्पकालिक लोन की संरचना करने की अनुमति देते हैं क्योंकि ग्राहकों के लिए क्रेडिट कार्ड सबसे आकर्षक विशेषताएं हैं.


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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