ईडी ने बैंक धोखाधड़ी मामले में 18 के खिलाफ आरोपपत्र किया दाख... - CG Sandesh

ईडी ने बैंक धोखाधड़ी मामले में 18 के खिलाफ आरोपपत्र किया दाखिल

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने सिंडिकेट बैंक की एक शाखा में धोखाधड़ी के सिलसिले में 18 लोगों के खिलाफ बेंगलुरु की एक विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।

ईडी ने कहा कि सिंडिकेट बैंक, उत्तरहल्ली शाखा, बेंगलुरु के कुछ कर्मचारियों और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत बेंगलुरु पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई और बाद में केंद्रीय अपराध शाखा ने जांच को अपने हाथ में ले लिया।

अधिकारी ने कहा, ईडी ने इस मामले में आरोपी व्यक्तियों के नाम से चल रही 4.98 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का एक अनंतिम कुर्की आदेश भी जारी किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।


अधिकारी ने कहा, जांच से पता चला है कि मोहम्मद मुस्तफा ने विजय आकाश और अन्य के साथ मिलकर कर्नाटक राज्य कृषि विपणन बोर्ड (केएसएएमबी) के एक खाता अधिकारी के रूप में प्रतिरूपण करके सिंडिकेट बैंक में एक चालू खाता और एक सावधि जमा खाता खोला था, जो नकली आधार पर था। केएसएएमबी के मनगढ़ंत दस्तावेज जैसे बोर्ड रेजोल्यूशन, आईडी कार्ड, केएसएएमबी का लेटरहेड आदि और 50 करोड़ रुपये फर्जी चालू खाते में और शेष 50 करोड़ रुपये सावधि जमा खाते में स्थानांतरित करने में सफल रहे।

अधिकारी ने कहा कि मुस्तफा ने केएसएएमबी के फर्जी चालू खाते में 50 करोड़ रुपये जमा कराने के बाद प्रत्येक लेनदेन में 48,62,500 रुपये बैंक कर्मचारियों और अन्य लोगों की मदद से विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों के विभिन्न खाता नंबरों में स्थानांतरित कर दिए। कुल मिलाकर, 47,16,62,500 रुपये केएसएएमबी के उक्त चालू खाते से 48,62,500 रुपये के 97 लेनदेन में विभिन्न व्यक्तियों से संबंधित 69 विभिन्न बैंक खाता संख्या में स्थानांतरित किए गए थ




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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