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धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में बोले केंद्रीय मंत्री...‘दम है तो बागेश्वर बाबा को छू कर दिखाओ…’

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की प्रस्तावित यात्रा को लेकर बिहार में बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शुक्रवार को स्वयंभू संत का बचाव किया और विरोधियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है. बागेश्वर बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 13 मई को एक आध्यात्मिक कार्यक्रम के लिए पटना के नौबतपुर आने वाले हैं, जिसका आरजेडी (RJD) के सभी बड़े नेता एक सुर से पुरजोर विरोध कर रहे हैं.

तेज प्रताप ने बनाई फोर्स

राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस उद्देश्य के लिए डीएसएस नामक एक निजी बल का गठन किया है. उनके अलावा बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, वृसन पटेल समेत राजद के कई नेताओं ने भी उनके खिलाफ बयान दिया था.



शिक्षा मंत्री मूर्ख: चौबे

चौबे ने कहा, मैं 13 से 17 मई तक पटना के नौबतपुर में बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहूंगा और उस कार्यक्रम को किसी ने रोकने की हिम्मत की तो उन्हें इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा. राज्य के शिक्षा मंत्री मूर्ख हैं और उन्हें शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने रामचरितमानस का अपमान किया है.

बागेश्वर बाबा को छुआ तो होगा ऐसा

उन्होंने चेतावनी दी, बाबा बागेश्वर, जो सनातन धर्म के संरक्षक हैं, ने अपना जीवन देश की भलाई के लिए समर्पित कर दिया है. अगर आपने उन्हें छूने की हिम्मत की, तो आपको नुकसान होगा.

पटना में बागेश्वर सरकार की कथा

गौरतलब है कि बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के पटना के नौबतपुर के तरेत पाली मठ में 13 से 17 मई के बीच होने वाले हनुमत कथा आयोजन को लेकर तैयारी जोर शोर से चल रही है. इस आयोजन में प्रतिदिन तीन लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है. मठ प्रांगण पूरे 600 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें हनुमत कथा प्रवचन के लिए तीन लाख वर्ग फीट में पंडाल बन रहा है. भूमि पूजन हो गया है. श्रद्धालुओं की गाड़ियों की पार्किंग के लिए 15 लाख वर्ग फीट में पार्किंग स्थल बनाया जा रहा है.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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