EPFO : नौकरी वालों की हुई बल्ले-बल्ले, ये कर्मचारी होने जा र... - CG Sandesh

EPFO : नौकरी वालों की हुई बल्ले-बल्ले, ये कर्मचारी होने जा रहे मालामाल…

नई दिल्ली, गर आप सरकारी कर्मचारी हैं तो ये खबर आपकी झोली भरने वाली है। दरअसल EPFO की ओर काफी बड़ा ऐलान कर दिया गया है। जिसके बाद सभी सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक खुशी से बौखलाएं हुए हैं।

बता दें EPFO ने अपने ऐलान में कहा है कि जिन कर्मचारियों की नौकरी के 6 महीने से कम का समय बचा हुआ (EPFO) है वह कर्मचारी पेंशन स्कीम से जमा राशि को जमा की गई राशि को निकालने के हकदार हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि ईपीएफओ (EPFO) की ओर से ईपीएस (EPS) के तहत ज्यादा से ज्यादा पेंशन देने को लेकर बहस हो रही है। इसके लिए EPFO सब्सक्राइबर्स इस विकल्प पर अमल कर सकते हैं।

इसके लिए सब्सक्राइबर्स को ऑनलाइन लिंक भी दिया गया है। बहराल EPFO सब्सक्राइबर्स को कुछ बातों को गहराई से जानने की जरुरत होगी।


EPFO ने पेंशन स्कीम में किया संशोधन

हालियां बातों को जोड़ते हुए समझें तो EPFO ने पेंशन धारकों के लिए काफी बड़ा फैसला लिया है। EPFO ने ईपीएस (EPS) में संशोधन करने की सिफारिश की और इसमें कहा कि जिन सब्सक्राइबर्स के पास में कंपनी में काम करने का 6 महीने का समय बचा हुआ है

तो उनको ईपीएफओ (EPFO) खाते से डिपॉजिट की गई राशि को निकालने की परमीशन दे देनी चाहिए। इसी के साथ ही ये भी कहा कि जो ईपीएफओ (EPFO) में 34 साल से ज्यादा के सदस्य रह चुके (EPFO) हैं। इन लोगों को पेंशन का भी लाभ मिलना चाहिए।

वहीं मंत्रालय के बयान के मुताबिक, बोर्ड ने कर्मचारी पेंशन स्कीम (Employees Pension Scheme) या फिर करने के मामले में समान ट्रांसफर रकम गणना को सक्षम करने की सिफारिश की है। वहीं इसके साथ ही ETF में निवेश के लिए कर्जमाफी की नीति को भी बोर्ड के द्वारा मंजूरी दे दी है।

वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि CBT ने 2022-23 के लिए ब्याज दर की कैलकुलेशन के उद्देश्य से कमाई में शामिल करने के लिए वित्तीय वर्ष ETF के लिए कर्जमाफी के लिए मंजरी मिल गई है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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