केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह बोले – भारत के आत्मसम्मान के खिल... - CG Sandesh

केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह बोले – भारत के आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देंगे

Rajnath Singh – केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( Rajnath Singh ) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, साल 1998 में देश के परमाणु परीक्षण ने दुनिया को यह संदेश दिया कि, भारत भले ही एक शांतिप्रिय देश है लेकिन वह आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा।

भारत ने इतिहास से सबक सीखा है – केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, बाहरी आक्रमणकारियों द्वारा नालंदा में शिक्षा केंद्र और सोमनाथ में सांस्कृतिक प्रतीक को तबाह किए जाने के बाद भारत ने इतिहास से सबक सीखा है। आपको बता दें कि, उन्होंने यह बयान 1998 के पोकरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में दिया हैं।

हम शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन हम नालंदा को फिर से जलता हुआ नहीं देखेंगे

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि, हमने इतिहास से सबक सीखे हैं और संकल्प लिया है कि, हम इस तरह के इतिहास को दोहराने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि, भारत के परमाणु परीक्षणों ने दुनिया को संदेश दिया है कि, हम भले ही एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन हम नालंदा को फिर से जलता हुआ नहीं देखेंगे। हम सोमनाथ जैसे अपने सांस्कृतिक प्रतीक को फिर से बर्बाद किया जाना बर्दाश्त नहीं करेंगे।

आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देंगे

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, हम अपने आत्मसम्मान के खिलाफ उठाए गए हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देंगे। वहीं इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और शीर्ष वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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