यात्रियों के लिए जरुरी खबर, जान ले ये पांच नियम, कभी नहीं हो... - CG Sandesh

यात्रियों के लिए जरुरी खबर, जान ले ये पांच नियम, कभी नहीं होंगे परेशान

भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों लोग सफर करते हैं। रेलवे से सफर सड़क की अपेक्षा काफी आरामदायक होता है और सस्ता होता है। इस कारण लंबी दूरी की यात्रा लोग ट्रेंन से करना पसंद करते हैं। रेलवे के अपने नियम और कानून है, जिनका पालन हर यात्री को करना जरूरी है। आज हम आपको उन पांच नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको यात्रा के दौरान पता होने चाहिए।

टू-स्टॉप रूल

अगर आपकी ट्रेन छूट जाती है तो आपको चिंता करने जरूरत नहीं है। रेलवे के नियम के मुताबिक, टीसी अगले दो स्टेशन तक या कम से कम एक घंटे तक वह आपकी सीट को किसी अन्य यात्री को आंवटित नहीं कर सकता है। ऐसे में यात्रा करते समय इस नियम को अवश्य याद रखें।

 


तत्काल टिकट पर रिफंड

बहुत से लोगों को इस बात के बारे में जानकारी नहीं है कि तत्काल टिकट पर भी रिफंड की सुविधा दी जाती है। हालांकि, रिफंड ट्रेन के तीन घंटे से अधिक लेट होने पर ही दिया जाता है

टिकट पर रिफंड

आप रेलवे से यात्रा कर रहे हैं और किसी कारण से आपकी ट्रेंन गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंच पाती है और बीच में ही रुक जाती है। साथ ही रेलवे आपको अन्य ट्रेंन नहीं मुहैया करा पा रहा है, तो फिर आप पूरी टिकट पर रिफंड रेलवे के मांग सकते हैं। अगर बाकी बची यात्रा के लिए रेलवे किसी अन्य गाड़ी का प्रबंध कर देता है और आप उससे नहीं यात्रा पूरी करना चाहते हैं। फिर बाकी बची यात्रा के लिए आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं

टिकट वेरिफिकेशन

रेलवे के नियम के मुताबिक 10 बजे के बाद टीटीई आपको टिकट की मांग नहीं कर सकता है। वहीं, अन्य रेलवे स्टाफ के लिए भी कुछ ऐसे ही नियम बनाए गए हैं।

मेडिकल हेल्प

अगर आप ट्रेंन यात्रा के दौरान ठीक नहीं महसूस कर रहे हैं तो आप किसी भी रेलवे कर्मचारी जैसे टीसी आदि मेडिकल हेल्प मांग सकते हैं। फर्स्ट ऐड के साथ मेडिकल इमरजेंसी आदि रेलवे की ओर से दी जाती है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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