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कांग्रेस और भाजपा हुई आमने सामने...गीता प्रेस को पुरस्कार मिलने पर शुरू हुई राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार 2021 के लिए चुना है। इसके बाद से ही इस पर राजनीति शुरू हो गई है। हालांकि गीता प्रेस ने पुरस्कार को स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसमें मिलने वाली धन राशि को लेने से मना कर दिया है।

इस मामले में खुद गीता प्रेस की और से कहा गया है की पुरस्कार स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन धनराशि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका कारण यह है की गीता प्रेस किसी तरह का दान नहीं लेता है। किसी प्रकार का दान स्वीकार नहीं करता है। वहीं पुरस्कार को लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है।

इस मामले में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र का यह फैसला सावरकर और नाथूराम गोडसे को सम्मान देने जैसा है। क्योंकि गीता प्रेस और गांधी के बीच राजनीतिक और धार्मिक एजेंडे को लेकर कई वैचारिक मतभेद थे। वहीं इसको लेकर भाजपा ने भी जयराम रमेश पर निशाना साधा है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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