केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ Twitter की याचिका हाईकोर्ट ने ... - CG Sandesh

केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ Twitter की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ट्विटर की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें प्लेटफॉर्म पर कुछ आपत्तिजनक अकाउंट और ट्वीट्स को ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनी से कहा है कि सरकार के पास ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी करने की शक्ति है। कोर्ट ने ट्विटर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत जारी किए गए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश को सही बताया। न्यायालय ने ट्विटर इंक द्वारा दायर याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सरकार के पास ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी करने की शक्ति है। हाईकोर्ट ने ट्विटर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जिसे कंपनी को 45 दिनों के भीतर राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

यह है पूरा मामला

ट्विटर ने कर्नाटक हाईकोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी किए गए टेक डाउन आदेशों के खिलाफ याचिका दायर की थी। ट्विटर ने जून 2022 में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट्स, अकाउंट्स और यूआरएल को हटाने के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिका में ट्विटर ने दावा किया था कि केंद्र को उन ट्विटर हैंडल के मालिकों को नोटिस जारी करने की आवश्यकता थी जिनके खिलाफ ट्विटर पर अकाउंट ब्लॉकिंग आदेश जारी किए गए थे। ट्विटर ने यह भी दावा किया था कि उसे अपने इन अकाउंट्स को टेकडाउन के बारे में जानकारी देने से भी रोका गया था।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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