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NDMC ने कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के प्रस्तावों को दी मंजूरी

नयी दिल्ली / नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने बुधवार को एक बैठक में अपने कर्मचारियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) के अनुसार वेतनमान देने और मुख्य गोल मार्केट भवन को संग्रहालय बनाने समेत विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

परिषद की बैठक में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, एनडीएमसी के अध्यक्ष अमित यादव, उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, परिषद के सदस्य कुलजीत सिंह चहल समेत अन्य लोग शामिल हुए।बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उपाध्याय ने कहा कि गोल मार्केट की पुनर्विकास योजना को मंजूरी दी गई है और वहां की मुख्य इमारत को पर्यटन स्थल बनाने के उद्देश्य से संग्रहालय में बदल दिया जाएगा।

उपाध्याय ने कहा, “आज परिषद की बैठक के बाद हमने गोल मार्केट के पुनर्विकास की योजना को मंजूरी दी। हम मुख्य भवन को एक संग्रहालय में बदलने की भी योजना बना रहे हैं जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हो सकता है। हमने अतिथि शिक्षकों और सलाहकारों के वेतन में असमानता को समाप्त करने का भी निर्णय लिया है।”

 

 

एनडीएमसी बैठक में हुई चर्चा के बारे में चहल ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर बात हुई।चहल ने बैठक में शामिल नहीं होने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री "परिषद की बैठकों को गंभीरता से नहीं लेते।”

उन्होंने कहा, "केजरीवाल इस बैठक में भी अनुपस्थित थे। वह केवल पत्र लिखते हैं और इस परिषद की बैठक के बारे में बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिखते। उन्हें जवाब देना चाहिए कि वह बैठक में क्यों नहीं गए।"चहल ने आरोप लगाया कि एनडीएमसी स्कूलों के विकास में केजरीवाल का "कोई योगदान नहीं" है।एनडीएमसी ने कंप्यूटर विज्ञान में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के पद के लिए प्रस्तावित भर्ती नियमों को भी मंजूरी दे दी है।

एनडीएमसी अधिकारियों ने कहा कि विभाग को रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और अलग से अपेक्षित अनुमोदन प्राप्त करके इसे जल्द से जल्द अधिसूचित करना चाहिए। 



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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