‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- संकल्प के सूरज चांद पर उगते ... - CG Sandesh

‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी- संकल्प के सूरज चांद पर उगते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 104वें एपिसोड में ‘चंद्रयान-3’ की सफलता के साथ उनके विषयों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त को भारत ने और भारत के चंद्रयान ने यह साबित कर दिया है कि संकल्प के सूरज चांद पर उगते हैं। मिशन चंद्रयान नए भारत की उस स्प्रीट का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है, और हर हाल में जीतना जानता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मिशन चंद्रयान-3 नारी शक्ति का भी जीवंत उदाहरण है। इस पूरे मिशन में अनेकों वीमेन साइंटिस्ट सीधे तौर पर जुड़ी रहीं। इन्होंने अलग-अलग सिस्टम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, प्रोजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी संभाली। भारत की बेटियां अब अनंत अंतरिक्ष में भी योगदान दे रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि जी20 लीडर समिट के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए 40 देश राजधानी दिल्ली आ रहे हैं। यह इतिहास की सबसे बड़ी भागेदारी होगी। देश के 60 शहरों में इससे जुड़ी करीब 200 बैठकों का आयोजन किया गया। जी20 डेलिगेट्स जहां भी गये वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हमारे देश की विविधता देखकर बहुत प्रभावित हुए।

प्रधानमंत्री ने मेघालय के ब्रायन डी खारप्रान की चर्चा करते हुए कहा, मुझे मेघालय के ब्रायन डी खारप्रान के बारे में बताते हुए बेहद खुशी हो रही है। उनकी स्पेलोलॉजी में काफी रुचि है। उन्होंने अपनी टीम के साथ 1700 से अधिक गुफाओं की खोज की और राज्य को विश्व गुफा मानचित्र पर रखा।

प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता के बारे में चर्चा करते हुए कहा, संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। इसे काई आधुनिक भाषाओं की जननी भी कहा जाता है। संस्कृत अपनी प्राचीनता के साथ-साथ अपनी वैज्ञानिकता और व्याकरण के लिए भी जानी जाती है। भारत का कितना ही प्राचीन ज्ञान हजारों वर्षों तक संस्कृत भाषा में ही संरक्षित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से बात की। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन हुआ था। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत के खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में 26 पदक अपने नाम किये।

 


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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