बुजुर्ग सास को 27 साल के दामाद से हुआ प्यार...पुलिस से बचने ... - CG Sandesh

बुजुर्ग सास को 27 साल के दामाद से हुआ प्यार...पुलिस से बचने के लिए किया ये काम

New Delhi / मोहब्बत में लोग एक दूसरे के प्रति इस कदर पागल हो जाते हैं कि एक-दूजे से मिलने के लिलए कुछ भी कर देते हैं। यहां भी कुछ ऐसा ही है। 42 साल की सास को 27 वर्षिय दामाद से प्यार हो जाता है। सास-दामाद का इश्क इतना परवान चढ़ा कि वे अपनी अलग गृहस्थी बसाने के लिए घर छोड़ कर रफ़्फ़ुचकर हो गए। यह प्रेम-प्रसंग का मामला राजस्थान के सिरोही से सामने आ रहा है।

पुलिस से बचने के लिए लोकेशन बदल रहे सास और दामाद-

वही परिजनों की शिकायत पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि प्रेमी-युगल सास-दामाद लगातर अपना लोकेशन बदल रहे है। जिसके चलते पुलिस उन तक नही पहुच पा रही है।

पत्नी के कारनामें सुन सदमें में पहुंचा ससुर-

पत्नी और दामाद के इस कारनामें को जानने के बाद जंहा ससुर सदमें है तो वही बच्चें अब अपने पिता और नानी का इंतजार कर रहे है। जानकारी के तहत सास-दामाद नए वर्ष यानि की 1 जनवरी को घर से निकले है और तब से वे लापता है।


 


सास ने उजाड़ा बेटी का घर-

बताया जा रहा है कि दामाद-बेटी के तीन बच्चे है। जिसमें से एक बच्चे को वे साथ में लेकर गए है जबकि दो बच्चे मां के साथ रह रहे है। बेटी अपने बच्चों को लेकर पिता के साथ रह रही है। उन्हे इंतजार है कि शायद वे दोनों घर वापस लौट आए।

खूब वायरल हो रही सास और दामाद की लव स्टोरी-

सास-दामाद के बीच लव स्टोरी पूरे क्षेत्र में इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। चर्चा के अनुसार जिस युवक से मां ने अपनी बेटी का विवाह करवाया था, उसका प्रेम-प्रसंग पहले से ही चल रहा था।

वही विवाह के कुछ दिन बाद ही वह दामाद-बेटी को घर जमाई बना लिया था, लेकिन कहते है कि इश्क किसी से छुपाए नही छुपता है। वही दोनों के बीच चलने वाले प्रेम-प्रंसग को लेकर घर में विवाद की स्थित भी बन रही थी। इसी बीच वे दोनों घर छोड़कर शायद अपना अलग घर बसाने चले गए।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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