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PM मोदी ने शिक्षक दिवस पर दिया संदेश, राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को सराहा

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शिक्षक दिवस (Teachers Day) के अवसर पर राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान की सराहना की. पीएम ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. पुरस्कार विजेताओं के साथ पीएम आवास पर हुए संवाद के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे. पीएम मोदी ने बच्चों को शिक्षित करके उन्हें प्रेरित करने के महत्व पर जोर दिया.

बच्चों को प्रेरित करें शिक्षक

प्रधानमंत्री ने स्थानीय विरासत और इतिहास पर गर्व करने के बारे में बात की और शिक्षकों से आग्रह किया कि वो छात्रों को अपने क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने के लिए प्रेरित करें. देश में विविधता की ताकत पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वो अपने स्कूलों में देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति और विविधता का जश्न मनाएं. इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों को अपने पूरे करियर में अपने कौशल को लगातार उन्नत करने की सलाह दी


युवाओं को कुशल बनाने पर की चर्चा

चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में छात्रों में जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी संचालित सदी है. उन्होंने युवाओं को कुशल बनाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के महत्व के बारे में भी बात की.

डॉ राधाकृष्णन के सम्मान में मनाया जाता है शिक्षक दिवस

गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान को स्वीकार करना और उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से ना केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध किया है. 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु में जन्मे डॉ सर्वेपल्लि राधाकृष्णन को भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् और महान दार्शनिक के तौर पर जाना जाता है और उन्ही के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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