RBI ने UPI यूजर्स के लिए दिया बड़ा अपडेट...अब मिलेगी ये सुवि... - CG Sandesh

RBI ने UPI यूजर्स के लिए दिया बड़ा अपडेट...अब मिलेगी ये सुविधा

 New Delhi / अगस्त के महीने में यूपीआई पेमेंट में काफी इजाफा देखने को मिला है. इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से अहम ऐलान किया गया है, इसका ग्राहकों पर भी असर देखने को मिलेगा. दरअसल, आरबीआई ने लेनदेन के लिए बैंकों की तरफ से जारी पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा (Pre-Sanctioned Credit Lines) को भी यूपीआई प्रणाली में शामिल करने का ऐलान किया है. इससे ग्राहकों को भी फायदा होगा.

यूपीआई पेमेंट-

अभी तक यूपीआई प्रणाली के जरिए सिर्फ जमा रकम का ही लेनदेन किया जा सकता था. केंद्रीय बैंक ने अप्रैल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था.

इसके तहत बैंकों में पहले से मंजूर ऋण सुविधा से ट्रांसफर की मंजूरी देने की बात कही गई थी. फिलहाल बचत खाते, ओवरड्रॉफ्ट खाते, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है.

रिजर्व बैंक ने कही अहम बात-

रिजर्व बैंक ने ‘बैंकों में पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा का यूपीआई के जरिए परिचालन’ पर एक परिपत्र भी जारी किया है. इसमें आरबीआई के जरिए कई बातें कही गई है. आरबीआई के जरिए इसमें अहम बात कही गई है कि यूपीआई के दायरे में अब ऋण सुविधा को भी शामिल कर लिया गया है.

रिजर्व बैंक ने कहा, ‘इस सुविधा के तहत व्यक्तिगत ग्राहक की पूर्व सहमति से अनुसूचित कमर्शियल बैंक के जरिए व्यक्तियों को जारी पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा.’


यूपीआई लेनदेन-

केंद्रीय बैंक के मुताबिक, ऐसा होने से लागत कम हो सकती है और भारतीय बाजारों के लिए अनूठे उत्पादों के विकास में मदद मिल सकती है. मोबाइल उपकरणों के माध्यम से चौबीसों घंटे तत्काल मनी ट्रांसफर के लिए उपयोग किए जाने वाले यूपीआई से लेनदेन अगस्त में 10 अरब का आंकड़ा पार कर गया.जुलाई में यूपीआई लेनदेन का आंकड़ा 9.96 अरब था. वहीं आने वाले दिनों में यूपीआई की पेमेंट में और इजाफा होने की उम्मीद है.


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें