इंडिया' या 'भारत'...नाम को लेकर मचे सियासी संग्राम पर झारखंड... - CG Sandesh

इंडिया' या 'भारत'...नाम को लेकर मचे सियासी संग्राम पर झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा रिएक्शन, कही ये बात

 एक तरफ देश की राजधानी दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) होने जा रहा है तो वहीं सम्मेलन खत्म होने के बाद केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र (Parliament Special Session) बुलाया है. ये सत्र 18 से 22 सितंबर तक चलेगा. संसद के विशेष सत्र को लेकर कोई निश्चित एजेंडा सामने नहीं आया है. इस बीच एक देश एक चुनाव, महिला आरक्षण बिल, 'इंडिया' की जगह भारत नाम...जैसे तमाम मुद्दों को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ गई है. अब इन मामलों को लेकर झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) का भी रिएक्शन सामने आया है.

'इतनी बहस क्यों हो रही है'

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जब 'इंडिया' या भारत नाम को लेकर छिड़ी बहस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि हमारे प्रिय विपक्षियों की तरफ से फिर से नोटबंदी करने की कुछ चक्र है या साजिश चल रही है. किसी के नाम रखने या नहीं रखने को लेकर देश में इतनी बहस क्यों हो रही है. दुनिया के देश इसे हास्यास्पद रूप में देख रहे हैं. जितनी बातें होंगी...उन बातों की ना तो शुरुआत है और ना ही अंत. मैं भी तमाम तरह की बातें सुन रहा हूं. बड़े-बड़े विद्वान, बड़े-बड़े कैमरे, बड़े-बड़े मोबाइल, बड़े-बड़े ब्लॉगर, बड़े-बड़े न्यूज चैनल की सोच कितनी दूर तक है. अब तो हम लोग चांद पर भी जा चुके हैं. अब ऐसे निर्णयों से हम कहां जाएंगे...ये तो समय बताएगा.


पॉजिटिव सोच के साथ लेंगे फैसला

वहीं पत्रकारों ने जब ये पूछा कि G20 समिट पर आपको इनवाइट किया है, तो क्या आप जाएंगे. इसका जवाब देते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की राष्ट्रपति महोदया ने सभी को आमंत्रण दिया है. मुझे भी अभी-अभी जानकारी मिली है और सभी शेड्यूलों को देखने के उपरांत मैं आपको निर्णय से अवगत कराऊंगा. मुझे लगता है कि ये बैठक अन्य बैठकों से बिल्कुल अलग है. इसको लेकर हम लोग भी बिल्कुल पॉजिटिव सोच के साथ निर्णय लेंगे.  




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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