चाय कॉफी : शरीर को होते हैं ये नुकसान...खाना खाने के बाद चाय... - CG Sandesh

चाय कॉफी : शरीर को होते हैं ये नुकसान...खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीनी वाले हो जाएं सावधान

  नई दिल्ली: हमारे देश में कुछ लोगों को चाय का इतना शौक होता है कि सुबह हो या शाम उन्हें चाय जरूर चाहिए होती है. वहीं कुछ लोग आलस दूर करने के लिए दिन 2-3 बार चाय का सेवन करते हैं.

यहां तक कि खाने खाने के बाद भी चाय की चुस्कियां लेने से बाज नहीं आते. लेकिन खाना खाने के बाद चाय पीना आपके शरीर के लिए नुकसानदायक होता है. आइए जान लेते हैं खाने के बाद चाय पीने से होने वाले नुकसान.


शरीर को हो सकते हैं ये नुकसान -

खराब पाचन तंत्र -

खाना खाने के बाद चाय पीने से आपका पाचन तंत्र (Digestive System) खराब हो सकता है, क्योंकि तुरंत चाय पीने से बॉडी खाना डाइजेस्ट नहीं कर पाती, जिससे गैस-एसिडिटी जैसी समस्या होने लगती हैं.

ब्लड प्रेशर पर असर -

चाय में कैफीन मौजूद होता है, जो इंसान का ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) बढ़ा सकता है. अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के पेशेंट है तो खाने के बाद चाय का सेवन बिल्कुल न करें.

आयरन का कमी -

खाने के बाद चाय पीने से बॉडी जरूरी पोषक तत्व नहीं ले पाती. इससे शरीर में आयरन की कमी (Iron Deficiency) होने लगती है और एनीमिया जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है.

सिरदर्द की समस्या -

चाय में इस्तेमाल होने वाले दूध में 2.8 % लैक्टोज पाया जाता है. कई बार लैक्टोज के गुण गैस की समस्या पैदा कर देते हैं. बता दें कि लैक्टोज के गुण चीनी को पचा नहीं पाते, जिससे गैस की समस्या होने लगती है.

तो फिर कब पिएं चाय?

एक रिसर्च के मुताबिक,  सोने से 10 घंटे पहले चाय पिएं तो ये शरीर के लिए Energy Booster का काम करती है. इससे पाचन और लीवर भी हेल्दी रहते हैं. इसका फायदा यह है कि समय पर भूख लगती है और नींद भी अच्छी आती है.

सही समय पर चाय का सेवन करने से ब्रेन शांत रहता है और स्ट्रेस की समस्या नहीं होती.अगर आपको डायजेशन या नींद की दिक्कत नहीं है तो आप शाम के समय भी एक अच्छी-हर्बल चाय का लुत्फ उठा सकते हैं.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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