2000 का नोट बदलने की आज आखिरी तारीख, जानें क्यों RBI ने लिया... - CG Sandesh

2000 का नोट बदलने की आज आखिरी तारीख, जानें क्यों RBI ने लिया यह फैसला

आज सितंबर का महीने का आखिरी दिन है और इसके साथ ही सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2,000 रुपये के नोटों को बैंकों में बदलवाने या फिर जमा करने की डेडलाइन भी आज खत्म होने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार, 1 अक्टूबर से बैंकनोट का मूल्य समाप्त हो जाएगा और यह सिर्फ कागज का एक और टुकड़ा होगा।

ऐसे में अगर आपके पास भी ये गुलाबी नोट हैं, तो फिर बिना समय गंवाए इन्हें नजदीकी बैंक या फिर RBI के क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर बदलवा लें, क्योंकि अगर केंद्रीय बैंक इस डेडलाइन को बढ़ाने से मना करता है, तो फिर आपके पास मौजूद ये बड़े नोट रद्दी हो जाएंगे।

 


2000 रुपये के नोट कैसे बदलें?

30 सितंबर तक 2,000 रुपये के नोट आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों या किसी भी नजदीकी बैंक शाखा में बदले जा सकते हैं। अपने नजदीकी बैंक या आरबीआई के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में जाएं। बंद किए गए नोटों को बदलने या जमा करने के लिए ‘अनुरोध पर्ची’ भरें। आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, या नरेगा कार्ड जैसे दस्तावेज पर अंकित अपने विशिष्ट पहचान संख्या सहित अपना विवरण भरें। आप कितने नोट जमा करेंगे, इसका विवरण भरें। विशेष रूप से, एक समय अधिक से अधिक 20000 रुपये मूल्य के 2000 रुपये के नोट बदले जा सकते हैं।

आरबीआई ने 2000 बैंकनोट को बंद करने का फैसला क्यों किया?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अधिनियम, 1934 की धारा 24 (1) के तहत नवंबर 2016 में 2000 रुपये मूल्यवर्ग के नोट पेश किए गए थे। ऐसा उस समय प्रचलन में मौजूद सभी 500 और 1000 रुपये बैंकनोटों के बैंक नोटकों की कानूनी मुद्रा की स्थिति को वापस लेने के बाद अर्थव्यवस्था की मुद्रा आवश्यकता को तेजी से पूरा करने के लिए किया गया था। राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, नोटों को पेश करने का उद्देश्य तब पूरा हो गया जब अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए। उन्होंने कहा, ‘इसे देखते हुए और आरबीआई की ‘स्वच्छ नोट नीति’ के तहत नोटों को वापस लेने का फैसला किया गया है।




author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें