इस तरह रखें अपनी सेहत का ख्याल...आपके के लिए आफत बन सकती है ... - CG Sandesh

इस तरह रखें अपनी सेहत का ख्याल...आपके के लिए आफत बन सकती है त्योहारों की सफाई

देश भर में त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है. ऐसे में खरीदारी के साथ साथ जिस चीज पर लोगों का सबसे ज्यादा फोकस होता है, वो है घर की सफाई, दिवाली से पहले आपके भी घर में साफ सफाई का दौर शुरू हो गया होगा. ऐसे में सफाई के दौरान उडऩे वाली धूल और मिट्टी बहुत ज्यादा लोगों को बीमार कर डालती है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि सफाई के दौरान उडऩे वाली धूल और मिट्टी गले में जाकर शरीर को बीमार कर डालती है और इससे कई तरह की एलर्जी भी हो जाती है. चलिए जानते हैं कि सफाई के दौरान उडऩे वाली धूल मिट्टी से शरीर को क्या नुकसान होते हैं और इससे कैसे बचा जाए.

सफाई के दौरान उडऩे वाली धूल पहुंचाती है ये नुकसान

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि सफाई के दौरान कई तरह की धूल मिट्टी उड़ती है और ये हवा के जरिए नाक में चली जाती है. इससे शरीर के रेस्पिरेटरी सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचता है. कई लोगों को धूल से एलर्जी होती है. ये धूल नाक के जरिए श्वसन प्रणाली में चली जाती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सर्दी जुकाम, नेजल ब्लॉकेज जैसी परेशानियों का कारण बन जाती है. इतना ही नहीं अगर घर में पेंट हो रहा है तो इसमें मौजूद कैमिकल भी आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. पेंटिंग कलर में पाया जाने वाला बैंजीन उन लोगो को काफी नुकसान पहुंचाता है जिनको एलर्जी होती है.


 कैसे करें अपना बचाव

 त्योहार में घर साफ करना तो जरूरी है, इससे बचा नहीं जा सकता है. ऐसे में आपको चाहिए कि आप घर साफ करते समय खुद को सेफ रखें. अगर आपको धूल और मिट्टी से एलर्जी है तो आपको इस जगह से दूर रहना चाहिए. अगर आप खुद सफाई कर रहे हैं तो गीला कपड़ा नाक पर बांधकर सफाई करें. इससे धूल के कण आपकी नाक में नहीं जाएंगे. अगर घर में पेंट हो रहा है तो उस जगह पर जाने से बचिए. डस्ट मास्क लगाकर रखिए. ऑफिस में भी सेफ्टी के यही रूल्स अपनाएं. इससे आपका शरीर इस धूल मिट्टी और कैमिकल से बचा रहेगा.




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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