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मोदी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले देगी एक और तोहफा, अब 7.5 लाख का होगा आपका हेल्थ इंश्योरेंस

नई दिल्ली / बीमा करवेज में हो सकती है 50 फीसदी बढ़ोतरी सरकार वर्तमान में अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपए का बीमा कवरेज देती है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सरकार को इस बीमा करवेज में 50 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। चुनावी वर्ष होने के कारण इस सुझाव को मान लिए जाने की उम्मीद है। हालांकि इस बाबत अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।

सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में एक है पीएमजेएवाई आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दृष्टि से यह योजना लागू की गई है। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) चल रही है जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में एक है

  • शीघ्र बनेंगे 30 करोड़ से अधिक कार्ड – अब तक इस योजना के तहत 25.21 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। शीघ्र ही यह संख्या 30 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है।
  • – इस योजना के तहत 5.68 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड अस्पताल हैं। इसके अतिरिक्त 26,617 अस्पतालों का नेटवर्क भी तैयार किया गया है।

नौकरीपेशा को उम्मीद
…तो आठ लाख तक आय पर नहीं देना होगा करयदि सरकार आयकर छूट का दायरा 50 हजार रुपए बढ़ाकर 7.5 लाख रुपए करती है तो पचास हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद आठ लाख रुपए तक की सालाना आय वाले नौकरीपेशा लोगों को वित्त वर्ष 2024-25 से आयकर नहीं देना होगा। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया कि वित्तमंत्री सीतारमण इस बदलाव के लिए वित्त विधेयक ला सकती हैं। पिछले साल (2023-24) के बजट में सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम के तहत छूट का दायरा पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपए कर दिया था। मूल छूट सीमा भी पहले के 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर दी गई थी। सरकार ने फैमिली पेंशन के लिए 15,000 रुपए की कटौती भी शुरू की थी।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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