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गांव का मुख्य गली हुआ कीचड़मय, चलना हुआ मुश्किल, नाली के अभाव मेें कीचड़ से नहीं मिल रहा ग्रामीणों को छुटकारा

सरायपाली. ग्राम कुसमीसरार का मुख्य गली बरसात आते ही कीचड़ में तब्दील हो जाता है. विगत 5 वर्ष पूर्व इस मुख्य गली में सीसी रोड का निर्माण हुआ था. लेकिन गुणवत्ताहीन एवं सीसी रोड की मोटाई अधिक नहीं होने के कारण कांक्रीट उखड़कर गड्ढे का रूप ले लिया है. जिसे वर्तमान सरपंच द्वारा मुरूम डलवाकर कीचड़ से मुक्ति दिलवाने का प्रयास किया जाता है. लेकिन मुरूम से कीचड़ कम नहीं होता बल्कि और अधिक बढ़ जाता है. नाली के अभाव में इस तरह की स्थिति पूरे बरसात महीने में देखी जा सकती है.

जानकारी मुताबिक विगत 5 वर्ष पूर्व सरपंच द्वारा लगभग 8 इंच मोटाई का सीसी रोड बनवाया गया था. लेकिन यह सीसी रोड एक दो साल में ही उखड़ गया और बडे“-बडे“ गड्ढे बन गए, जिसे मुरूम देकर गड्ढा को भरा गया है. 5 साल बीत जाने के बाद भी अब तक नए सीसी रोड की स्वीकृती नहीं मिली है और न ही उखडे“ सीसी रोड की मरम्मत सीमेंट गिट्टी से किया जा रहा है.सरपंच द्वारा किए जा रहे कार्य से ग्रामीणों को किसी प्रकार का लाभ नहीं हो रहा है, बल्कि कीचड़ का सामना करना पड़ रहा है. गली के मुख्य मार्ग के कुछ हिस्सो में आज पर्यन्त तक सीसी रोड ही नसीब नहीं हुआ है.

ग्रामीणों द्वारा लगातार इस कीचड़ को लेकर जनप्रतिनिधियों तक संपर्क साध चुके हैं.लेकिन केवल उन्हें आश्वासन ही मिल रहा है. जबकि इस मुख्य गली से होकर बलौदा क्षेत्र के दर्जनों गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं. इस मार्ग से भुरसापाली, हड्डासरार, बलौदा, गेर्रा, हरिबनपुर, कोटद्वारी, कालीदरहा, छिबर्रा आदि गांव के लोग ग्रामीण बैंक से संबंधित कार्य के लिए मुख्य गली से होते हुए तोरेसिंहा आते हैं.

टेकृक्टर एवं चारपहिया वाहनों के गुजरते ही गली का नजारा खेत जैसे हो जाता है. वाहनों के गुजरते समय दुपहिया वाहन, सायकल चालक एवं पैदल चलने वालों को कीचड़ छिटकने का डर सताता रहता है. नाली के अभाव में जगह-जगह पानी जाम होने के कारण पूरे बरसात सीजन भर गली कीचड़मय रहता है. यहां गांव में हायर सेकेण्डरी स्कूल भी संचालित हैं. आस-पास के दर्जनों गांव के बच्चे भी प्रतिदिन कीचड़ से होकर ही स्कूल पहुंचते हैं. सायकल में स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों को अक्सर कीचड़ में गिरते हुए देखा जा सकता है.