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स्कूल तो खोल दिया ,नही की शिक्षको की भर्ती.

ग्राम लम्बर में ग्रामीणो की मांग पर शासकीय स्कूल तो खोल दिया गया । पर शिक्षकों की भर्ती करना भूल गये । विगत डेढ़ साल से यहाँ शिक्षक नही हैं । बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है । सुखद पहलू यह है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुवे व बच्चों के भविष्य को देखते हुवे माध्यमिक शाला के कुछ शिक्षक व शिक्षित युवकों द्वारा पढ़ाई कराई जा रही है ।

इस संबंध में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में अभी 67 बच्चे अध्ययनरत हैं । विगत डेढ़ वर्षो से शासन द्वारा स्वीकृत किये गए 6 पदों में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नही की गई है ।इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है । पढ़ाई प्रभावित होने से कक्षा 9 वी व 10 वी के विद्यार्थियों व उनके पालकों में खासी नाराजगी है ।वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं ।

पिछले वर्ष 9 वी के छात्र अपने स्वयं की पढ़ाई से पास तो हो गए पर अब 10 वी की पढ़ाई जिसकी बोर्ड परीक्षा के रूप परीक्षाएं होती है उसे लेकर इन छात्रों में भय बना हुआ है. उन्हें डर यह है कि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी बगैर शिक्षक व मार्गनिर्देशन के कैसे करेंगे ।इस विद्यालय को शासन द्वारा जिन 6 पदों की स्वीकृति मिली थी उसमें प्राचार्य व 5 शिक्षको की स्वीकृति दी गई थी ।किन्तु आज तक रिक्त पदों की नियुक्ति शासन व विभाग द्वारा नही की गई ।शिक्षक विहीन स्कूल होने के कारण बच्चे टीसी निकालकर अन्यंत्र स्कूलों में प्रवेश लेने प्रारंभ कर दिए हैं ।

ग्रामीणों व पलको ने बताया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी डी एल कुर्रे से व ब्लाक शिक्षा अधिकारी बसना जे आर डहरिया को कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया पर कोई समाधान हुआ न ही शिक्षको की नियुक्ति की गई । भाजपा शासन काल पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के विकास यात्रा के दौरान समिति के सदस्यों मदन चौरसिया, कमलेश चौरसिया, राजू चौरसिया, दिगंबर प्रसाद जायसवाल, पूर्व माध्यमिक शाला विकास समिति के अध्यक्ष राकेश चावला, पालकगण व ग्रामीण जनों ने शासकीय हाईस्कूल की मांग की थी ।

जिसे रमन सिंह द्वारा स्वीकृति प्रदान कर हाईस्कूल प्रारंभ तो कर दिया गया पर दुर्भाग्य से आज तक न शिक्षको की नियुक्ति हुई और न ही अलग से भवन बन सका । पूर्व व माध्यमिक शाला भवन के परिसर में ही पूर्व निर्मित भवन में बेनर टांग कर हाईस्कूल प्रारंभ कर दिया गया ।