राजनांदगांव : बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस का प्रदेश सरकार पर निशाना, स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग
राजनांदगांव : बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की साय सरकार को घेरते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। राजनांदगांव प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पांचवीं बार बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है, जिसका कांग्रेस पार्टी विरोध करती है।
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भाजपा सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली शुल्क में 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही भारी बिजली बिलों से जनता परेशान है और अब सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार लगाकर लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में केवल 2 पैसे की बढ़ोतरी की थी और उस दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। वहीं वर्तमान में कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं।
कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को भी बढ़े हुए बिजली बिल का एक प्रमुख कारण बताया। पार्टी का आरोप है कि स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में अधिक तेजी से चल रहे हैं और वास्तविक खपत से ज्यादा रीडिंग दर्ज कर रहे हैं।
कांग्रेस ने बिजली बिल बढ़ने के तीन कारण बताए हैं— बिजली दरों में वृद्धि, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर की स्थापना। पार्टी ने मांग की है कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को वापस लेने का निर्णय लिया गया है, उसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर वापस लेने पर विचार करे।