मुआवजे और पुनर्वास की मांग लेकर जनदर्शन पहुंचे ग्रामीण, एसईसीएल पर लगाया अनदेखी का आरोप
रायगढ़ : जिले के घरघोड़ा क्षेत्र के ग्राम बरौद निवासी एक ग्रामीण ने एसईसीएल की बरौद खुली खदान विस्तार परियोजना में अपने निजी मकान का मुआवजा और पुनर्वास लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर मामले में न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
मुआवजा नहीं मिलने का लगाया आरोप
ग्रामीण का कहना है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान गांव की निजी जमीन और मकानों का अधिग्रहण किया गया था। उनके अनुसार, कई प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिल चुका है, लेकिन उन्हें अब तक उनके मकान का मुआवजा नहीं दिया गया।
रहने की जरूरत के लिए बनाया था मकान
शिकायतकर्ता ने बताया कि मुआवजा मूल्यांकन की प्रक्रिया लंबी चलने के कारण परिवार की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उन्होंने अपने खर्च पर एक छोटा मकान बनवाया था। उनका कहना है कि यह निर्माण केवल परिवार के रहने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया गया था, न कि अतिरिक्त मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से।
संयुक्त सर्वे के आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने कई बार एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन से मकान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना है कि वर्ष 2021 में घरघोड़ा तहसीलदार द्वारा संयुक्त सर्वे के आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन सर्वे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से कई आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुनः सर्वे और पुनर्वास लाभ की मांग
ग्रामीण ने कलेक्टर से मांग की है कि उनके मकान का दोबारा सर्वे कराया जाए और नियमानुसार उचित मुआवजा एवं पुनर्वास लाभ प्रदान किया जाए। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।