जांजगीर-चांपा में किसानों और महिला समूहों को मिला मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण, स्वरोजगार पर दिया गया जोर
जांजगीर-चांपा : कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर-चांपा में किसानों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए 40 किसानों और महिला समूह की सदस्यों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक, बीज तैयार करने की विधि, पोषण एवं औषधीय महत्व तथा इसके व्यावसायिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कम लागत में मशरूम उत्पादन कर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने कहा कि कृषि आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.डी. महंत ने किसानों को धान फसल के अवशेषों का उपयोग कर कम लागत में मशरूम उत्पादन की तकनीक समझाई। उन्होंने बताया कि कृषि अपशिष्ट का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत विकसित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को प्रगतिशील महिला किसान सविता पटेल के मशरूम उत्पादन यूनिट का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और मशरूम उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियां भी दीं। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को कृषि आधारित स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध कराना था।