पहली बारिश में धंसी 510 करोड़ की सड़क, एनएच-45 निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप
बिलासपुर : रतनपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को अमरकंटक व जबलपुर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-45 पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 510 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह सड़क जगह-जगह धंसने और फटने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर सड़क पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई है, लेकिन कई स्थानों पर 5 से 10 फीट तक लंबी दरारें दिखाई दे रही हैं। बारिश के बाद सड़क की सतह बैठने लगी, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि मजबूत बेस तैयार किए बिना मिट्टी के ऊपर डामर की परत बिछा दी गई, जिसके कारण बारिश का पानी पड़ते ही मिट्टी धंस गई और सड़क की सतह टूटने लगी।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस मार्ग का निरीक्षण विभागीय सचिव और उपमुख्यमंत्री तक कर चुके हैं। इसके बावजूद सड़क की वर्तमान स्थिति सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल सकी, जो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
अब लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।