बारिश में खुले ट्रांसफार्मर और झूलते बिजली के तार बने खतरा, लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
बिलासपुर : मानसून के दौरान शहर में खुले ट्रांसफार्मर के फ्यूज बॉक्स और झूलते बिजली के तार लोगों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के फ्यूज बॉक्स खुले पड़े हैं, जबकि पेड़-पौधों की शाखाएं बिजली के तारों से सटी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने इसे विद्युत विभाग की लापरवाही बताते हुए तत्काल सुधार और नियमित निरीक्षण की मांग की है।
बारिश के मौसम में खुले बिजली के तार और असुरक्षित ट्रांसफार्मर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई जगह ट्रांसफार्मरों के फ्यूज बॉक्स बिना सुरक्षा ग्रिल के खुले हैं, जिससे करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। इसका सबसे अधिक जोखिम सड़क से गुजरने वाले लोगों और आसपास घूमने वाले मवेशियों को है।
स्थानीय निवासी सरिता दुबे ने बताया कि बारिश के दौरान खुले ट्रांसफार्मर और बिजली के तारों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि समय रहते इनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, उमाशंकर शुक्ला का कहना है कि विद्युत विभाग समय-समय पर मेंटेनेंस और पेड़ों की छंटाई करता है, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं बिजली के तारों से सटी हुई हैं। बारिश और तेज हवा के दौरान यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।
स्थानीय निवासी हीरालाल वैष्णव ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि खुले ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित किया जाए, जर्जर एवं झूलते बिजली के तारों को तत्काल दुरुस्त किया जाए तथा नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो बारिश के इस मौसम में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में अब लोगों की नजर विद्युत विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।