CG : बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत, रेलवे की लापरवाही पर उठे सवाल
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में नहाने के दौरान बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। यह गड्ढा रेलवे निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी निकालने के बाद ठेकेदार ने खुला छोड़ दिया था, जो बारिश में पानी से भर गया। घटना बोरतालाव थाना क्षेत्र के आश्रित ग्राम गांधीनगर की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की हड़ताल के कारण बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने की व्यवस्था नहीं थी। सामान्य दिनों में शिक्षक ही बच्चों को घर से स्कूल लेकर आते और वापस छोड़ते थे। हड़ताल के चलते बच्चे स्कूल नहीं गए और इसी दौरान यह हादसा हो गया।
गांधीनगर निवासी सार्थक कोकोटे, कृष मण्डावी (08) और दानेश मण्डावी (06) बुधवार शाम घर के पास खेल रहे थे। इसी दौरान तीनों 6 फीट गड्ढे में नहाने के लिए चले गए। ग्रामीणों ने पानी से भरे गड्ढे से तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया।
रेलवे निर्माण के बाद बना था गहरा गड्ढा
ग्रामीणों का आरोप है कि, रेलवे में नया ट्रैक और सुरंग बनाया गया है। मुंबई हावड़ा मेन लाइन पर पानियाजोब और बोरतलाव रेलवे स्टेशन के बीच काम चल रहा है। जिसके लिए ठेकेदार ने मिट्टी निकालने के बाद गहरा गड्ढा छोड़ दिया था। यह खेत किसान भीशू उइके का है।
बारिश के बाद उसमें पानी भर गया और वह बाहर से सामान्य तालाब जैसा दिखाई देने लगा। आशंका है कि बच्चे खेलते-खेलते उसमें उतर गए और गहराई का अंदाजा नहीं लगने से डूब गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर खुदाई की गई थी तो वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या अन्य सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे। पुलिस-प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
हड़ताल का भी किया जा रहा जिक्र
ग्रामीणों ने बताया कि, शिक्षकों की हड़ताल के कारण बुधवार को बच्चों के स्कूल आने-जाने की नियमित व्यवस्था प्रभावित थी। हालांकि, इस हादसे का हड़ताल से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।