बसना : सत्ता में भाजपा सरकार, सड़क में हिंदूवादी नेता, थाने का घेराव कर की आरोपियों के एनकाउंटर की मांग।
बसना थाना क्षेत्र में लड़की के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में आज हिन्दू संगठनों ने रैली निकालकर जिहादी पुतला दहन किया, और थाने पहुँचकर ज्ञापन सौंपा।
इस मामले में 13 अक्टूबर को पीड़िता पक्ष ने दुष्कर्म, ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64(1), 77, 79, 308(2), 351(2), BNS, 4-CHL, 6-CHL, 66E-LCG, 67-LCG एवं 67A-LCG के तहत मामला दर्ज किया गया था.
मामला दर्ज होने के पांच दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ़्तारी नही होने से हिन्दू संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा था. क्षेत्र में मामले से जुड़े सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक नही करने से इसकी चर्चा तेज होने लगी थी.
मामले का एक आरोपी जिसपर दुष्कर्म करने का आरोप दर्ज है, वह वर्तमान में बालिग़ है किन्तु घटना के समय आरोपी के नाबालिग़ होने की बात कही जा रही है. मामले में अन्य आरोपी मुख्य आरोपी के रिश्तेदार और कर्मचारी बताये जा रहे हैं. जिनके घरों पर बुलडोजर चलाने मुख्य आरोपी का एनकाउंटर और अन्य को फांसी की सजा देने की मांग हिन्दू संगठनों द्वारा की जा रही है.
इस दौरान हिन्दू संगठन, विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल, आरएसएस और बीजेपी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
रैली, पूतला दहन करने दौरान सौरभ अग्रवाल, रामचंद्र अग्रवाल, भाजपा बसना मण्डल अध्यक्ष नरेंद्र यादव, जन्मजय साव, दीपक शर्मा, कामेश बंजारा, आकाश सिन्हा, कमलेश डड़सेना, नंद किशन साव, ललित साहू, बजरंग दल से नीरज दास, अनिल साव, वेदराम जगत, विनय साव, भूषण साव, रितेश डड़सेना, महिला संगठन से सविता बर्मन, बीजेपी पार्षद संगीता नायक, सहित अन्य करीब 60 से 70 की संख्या में लोग मौजूद थे.
प्रदर्शन के दौरान शहीद वीरनारायण सिंह चौक पर महिलाओं द्वारा चप्पल से मारकर जिहादी पुतला दहन किया गया, और थाने जाकर ज्ञापन दिया गया.
संगठनों ने ज्ञापन देकर मुख्य आरोपी का एनकाउंटर करने तथा अन्य आरोपियों को फांसी की सजा देकर निवास पर बुलडोजर चलाने की मांग की.
बताया गया कि आरोपियों ने शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर कब्जा किया है, और शासकीय भूमि भी इनके द्वारा बेचा गया है.
इसके अलावा बसना क्षेत्र में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों के होने की बात कही गई, जिसके कारण समीकरण बिगड़ रहा है बताया गया. प्रदेश में बीते ढाई वर्षों से भाजपा की सरकार होते हुए भी लगातार अब भी बांग्लादेशियों के होने की बात कही जाती है, जबकि अब एसआईआर प्रकिया भी पूरी हो चुकी है. शासन प्रदेश से नक्सली तो खत्म कर पा रही है लेकिन क्या बंगालदेशी खत्म नही कर पा रही है.
इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता भी शीर्ष नेतृत्व को लेकर नाराज नजर आते हैं, लेकिन खुलकर मीडिया के सामने बोलने से बच रहे हैं. वैसे तो भाजपा की सरकार में हिन्दूवादी संगठनों के प्रदर्शन कम देखने को मिले हैं, अगर भाजपा की सत्ता वाली सरकार में संगठन और हिंदूवादी नेता विरोध करने पर मजबूर हैं, तो इसका मतलब सिस्टम के कार्यवाही करने के तरीकों पर कहीं ना कहीं इनके मन में नाराजगी है.
संगठन ने जो मांग रखी है उसे तीन दिवस में पूर्ण करने की मांग की गई है, नहीं तो उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है, अब देखना यह होगा संगठनों द्वारा रखी गई कितनी मांग पूरी हो पाती है.